
बनारस का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (फाइल फोटो)
वाराणसी. बनारस को अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं से लैस करने की तैयारी के तहत अब बाबातपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 1400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार हो गया है। यह विस्तारीकरण तीन चरण में होना है। पहले चरण के तहत 12 गांवों के 350 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का खाका खींचते हुए सीमांकन कर लिया गया है। वैसे इस विस्तारीकरण के लिए कुल 593 एकड़ भूमि अधीग्रहीत की जानी है। ऐसे में बेघर होने की आशंका में इलाकाई ग्रामीणों की बेचैनी बढ गई है। इस बीच किसान कांग्रेस ने ग्रामीणों का समर्थन देने की घोषणा की है।
प्रशासनिक मशीनरी की मानें तो बाबतपुर एयरपोर्ट को सिडनी एयरपोर्ट की तरह विकसित किया जाना है। वर्तमान में 2745 मीटर रन-वे की लंबाई और 1750 मीटर बढ़ाई जाएगी। विस्तार के बाद अमेरिका के खास विमानों के साथ बोईंग 777, A340-600, A350-600, 747-400 जैसे बड़े विमान आसानी से टेकऑफ और लैंड कर सकेंगे। कैट थ्री सिस्टम भी इंस्टाल हो पाएगा। रनवे विस्तार में, वाराणसी-सुल्तानपुर हाइवे किसी तरह की बाधा न पड़े इसके लिए आईआईटी विशेषज्ञों की सलाह पर हाइवे के लिए रन-वे के नीचे करीब तीन किलोमीटर का टनल (सुरंग) बनेगा।
बताया जा रहा है कि करीब 1400 करोड़ के प्रॉजेक्ट को पूरा करने के लिए तीन चरणों में 593 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है। पहले चरण में 350 एकड़ जमीन लेने के लिए सीमांकन का काम शुरू हो चुका है। इसके तहत कर्मी, धमलपुर, सरायतक्की, बाबतपुर, घमहापुर, सुगनहां, रघुनाथपुर, पुअरा, सिसवा, रामपुर,बसनी, पठकान आदि गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। इससे ग्रामीणों में खलबली मची है। ग्रामीणों के चेहरे पर पुश्तैनी घर और उपजाऊ जमीन जाने का दर्द साफ झलक रहा है। प्रस्तावित गांवों के किसानों के बीच इसे लेकर काफी गुस्सा है। वो नहीं चाहते कि उन्हें अपनी जमीन देना पड़े।
'' जैसे ही भूमि मिल जाएगी, विस्तारीकरण का काम जोर शोर से शुरू हो जाएगा।''-एके राय, बाबतपुर एयरपोर्ट डायरेक्टर
'एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए प्रस्तावित जमीन का नक्शा तैयार हो गया है। शासन स्तर से निर्देश प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई होगी।' -डॉ. संजीव कुमार, एसडीएम पिंडरा
'' विकास का कोई विरोध नहीं है, लेकिन जमीन अधिग्रहण के लिए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का पूरी तरह से पालन होना चाहिए। जमीन की प्रकृति परिवर्तन को लेकर कानून जो कहता हो उसका अक्षरशः पालन हो और किसानों को कानून के तहत पूरा मुआवजा मिले। अन्यथा किसान कांग्रेस बड़े आंदोलन को बाध्य होगी।- विनय शंकर राय मुन्ना, समन्वयक, राष्ट्रीय समन्वयक किसान कांग्रेस
Published on:
20 Jun 2019 05:17 pm
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