
दुनिया भर मेें टैलेंट का डंका बजाने वाला आइंस्टीन अपने एक मॉडल के साथ
डॉ अजय कृष्ण चतुर्वेदी
वाराणसी. प्रतिभा किसी पहचान या किसी सहारे की जरूरत नहीं होती, अगर बचपन से ही कोई अपनी राह चुन ले और उसके लिए काम करना शुरू कर दे तो उपलब्धि मिलनी तय है। उसे कोई ताकत नहीं रोक सकती है। ऐसा ही एक 12वीं का छात्र है जिसका नाम है आइंस्टीन। ये आइंस्टीन राजस्थान के सीकर जिले का मूल निवासी है और फिलहाल हैदराबाद एक स्कूल में 12वीं का छात्र है। अभी सात मई से उसकी बोर्ड परीक्षा होनी है। आइंस्टीन के बारे में Patrika ने उसके पिता आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर मार्शल से बातचीत की, तो जानते हैं आइंस्टीन की उपलब्धियों के बारे में...
पहली ही बार में क्वालिफाई किया SAT
आइंस्टीन ने पहली ही बार में SAT क्वालिफाई किया है। ये एसएटी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दुनिया की बेस्ट यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा होती है। इसे अमेरिकी विश्वविद्यालयों में दाखिले का प्रारंभिक चरण माना जाता है। इस टेस्ट के बाद ही विभिन्न विश्वविद्यालय अपने यहां की प्रवेश परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को चुनते हैं। यानी एक तरह से इसे प्री अमेरिकन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट भी कहा जा सकता है।
अमेरिका के 10 नामचीन विश्वविद्यालयो में हुआ चयन तीन से मिला प्रवेश संग लाखों के स्कॉलरशिप का ऑफर
आइंस्टीन को अमेरिका की 10 यूनिवर्सिटी से प्रवेश संग मिला है लाखों के स्कॉलरशिप का ऑफर। ये हैं वो विश्वविद्यालय...
1- मिसीगन स्टेट यूनिवर्सिटी, यहां से आइंस्टीन को 84 हजरा यूएस डॉलर व स्पेशल प्रेसिडेंशियल अवार्ड के रूप में 5000 यूएस डॉलर का ऑफर। प्रेसिडेंशियल अवार्ड 100 में से एक-दो स्टूडेट्स को ही मिलता है।
2-इलोनॉय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, यहां से उसे ट्यूशन फीस के लिए एक लाख यूएस डॉलर का ऑफर मिला है
3-कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, स्पेशल एचीवमेंट अवार्ड के रूप में मिला है 54,000 यूएस डॉलर स्कॉलरशिप का ऑफर
आइंस्टीन की एक तरकीब को अमेरिकी भौतिक विज्ञानी ने अपनी पुस्तक में शामिल किया
आइंस्टीन जब छोटा था तब उसने एक तरकीब खेल-खेल में इजाद की थी, वो थी कि प्राचीन काल में जब घड़ियां नहीं थीं तो लोग समय का अंदाजा कैसे लगाते थे, उस तरकीब की जानकारी अमेरिकन भौतिक विज्ञानी पॉल जी हैविट को हुई तो वो काफी प्रभावित हुए और उस तरकीब को अपनी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की भौतिक विज्ञान की पाठ्य पुस्तक, 'CONCEPTUAL Physics' के 10वें संस्करण में शामिल किया। अब उस पुस्तक के 13 संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं।
आइंस्टीन के पिता आईआईटी बीएचयू में बॉयो मेडिकल इंजीनिय हैं
आइंस्टीन के पिता प्रो मार्शल आईआईटी बीएचयू में बॉयो मेडिकल इंजीनिय हैं। वो खुद मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट रह चुके हैं। वो बताते हैं कि आइंस्टीन बचपन से ही कुछ अलग रहा, वो बढ़िया चित्रकारी भी कर लेता है। अखिल भारतीय साइंस कांग्रेस में अवार्ड जीत चुका है। उसने तालाबों में प्लास्टिक की गंदगी दूर करने का एक डिवाइस भी बनया था जिससे प्लास्टिक के छोटे-छोटे कणों को भी छान कर निकाला जा सकता है। इससे जलीय जीवों की रक्षा की जा सकती है, साथ ही फूड चेन को तोड़ा जा सकता है। इसके अलावा यूनाइटेड नेशन की स्पीकिंग स्किल प्रतियोगिता भी जीत चुका है।
Published on:
05 Apr 2022 08:34 pm
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