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वाराणसी में बनकर तैयार है इंटीग्रेटेड पैक हाउस, मुख्यमंत्री ने देखी व्यवस्था

Integrated Pack House is ready in Varanasi इस इंटीग्रेटेड पैक हाउस को बाबतपुर एयरपोर्ट के नजदीक बनाया गया है। यह यूरोप और खाड़ी देशों में जाने वाले फल और सब्जी के मानकों को करेगा पूरा।

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Integrated Pack House is ready in Varanasi

Integrated Pack House is ready in Varanasi

वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के किसानों को विकास के पथ पर आगे ले जाने की एक और सीढ़ी सरकार ने बना ली है। काशी और पूर्वांचल के किसानों के साथ ही साथ बिहार के किसानों की सब्जी और फल को विदेश निर्यात की दिशा में काशी में इंटीग्रेटेड पैक हाउस बनकर तैयार हो गया है। इस पैक हाउस का शिलान्यास साल 2021 में प्रधानमंत्री ने किया था। 24 मार्च को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे पर इस पैक हाउस के उद्घाटन के कयास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पैक हाउस का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा।


15 करोड़ से अधिक की लागत से हुआ है तैयार

एपीडा के के अधिकारियों ने बताया कि मंडी परिषद् की मदद से पिंडरा के करखियाव में मैंगो एंड वेजिटेबल इंटीग्रेटेड पैक हाउस का निर्माण करवाया गया है। यह पैकेज हाउस 15 करोड़ से अधिक की लागत से बनाया गया है जिसका प्रधानमंत्री ने 2021 में शिलान्यास किया था और उसी समय इसका जमीनी स्तर पर कार्य शुरू हो गया था।


ये मिलेगी सुविधा

उन्होंने बताया कि इस पैक हाउस के शुरू होने से यहां काशी और पूर्वांचल सहित बिहार के निर्यातक किसानों को विश्व स्तरीय सुविधा प्रदान की जायेगी। यहां सब्जी और फल धुलाई, ग्रेडिंग और क्वारंटाइन भी किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि मौसम खराब होने की वजह से फ्लाइट कैंसिल या डिले हुई तो यहां उसे आसानी से प्रिजर्व किया जा सकेगा। यहां का पैक हाउस यूरोप और खाड़ी देश के मानकों के अनुरूप बनाया गया है।


लंगड़ा आम हुआ है निर्यात

बनारस की सब्जी और फलों की डिमांड धीरे-धीरे विदेशों में होने लगी है। साल 2019 में लंदन, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में बनारसी लंगड़ा आम समेत सभी तरह के फल, सब्जी और अनाजों का निर्यात किया गया है। इसके अलावा गल्फ देशों की हाइपर मार्केट के लिए भिंडी, कुनरू और लीची भी विदेश में जा चुकी है। इसके अलावा हरी मिर्च और चंदौली का एक जनपद एक उत्पाद के रूप में घोषित काला चावल भी आस्ट्रेलिया और गल्फ के कई देशों में निर्यात हो चुका है।