
CM Yogi Adityanath
वाराणसी. बाहुबलियों से आम लोग से लेकर व्यापारी ही परेशान रहते हैं लेकिन जब न्यायाधीश को ही सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ जाये तो हड़कंप मचना तय है। न्यायाधीश ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर बाहुबली विधायक से जान का खतरा बताया है। न्यायाधीश ने कहा कि बाहुबली विधायक से उन्हे व परिवार को खतरा है। दुष्कर्म के फर्जी मामले में फंसा कर नौकरी देने की धमकी दी जा रही है।
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बिहार के शिवहर के अपर जिला एंव सत्र न्यायधीश त्रिभुवन नाथ पाठक ने ही सीएम योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगायी है। भदोही के मतेथू गांव निवासी त्रिभुवन नाथ पाठक ने सीएम योगी आदित्यनाथ के लिखे पत्र में कहा है कि ज्ञानपुर के विधायक विजय मित्र के खिलाफ सरियावां थाने में मुकदमे के लिए तहरीर दी गयी थी। विधायक के प्रभाव में आकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। इससे न्यायाधीश व उनके परिवार असुरक्षित है। तहरीर में बताया गया है कि वर्ष 2007-08 में वह बिहार में सीबीआई कोर्ट में मजिस्ट्रेट थे। वर्ष 2012 में विधायक विजय मिश्र ने उन्हें लखनऊ में एक मुकदमे की पैरवी करने को कहा था। जिस पर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन नाथ पाठक ने पैरवी करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद से न्यायाधीश व उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। आरोप है कि दुष्कर्म या अन्य किसी फर्जी मामले में फंसा कर नौकरी खत्म कराने की भी धमकी दी जा रही है जिससे चलते ही उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ी है। न्यायाधीश की तहरीर पर भदोही पुलिस का कहना है कि तहरीर मिल गयी है और मामले की जांच चल रही है। दूसरी तरफ बाहुबली विधायक विजय मिश्रा ने धमकी देने के आरोप को बेबुनियाद बताया है। बाहुबली विजय मिश्रा ने कहा कि वह हजारे रिश्तेदार है। मैं उन्हें धमकी क्यों दूंगा। वह गांव की एक जमीन पर कब्जा करना चाहते है इसलिए अधिकारियों से कहा गय था कि वहां पर किसी तरह का अवैध कब्जा न हो। पूरा गांव उस गरीब परिवार के साथ है।
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Published on:
29 Jan 2019 11:52 am
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