यह व्रत सुहाग और सौभाग्य का माना जाता है। इसलिए सुहागन स्त्रियां श्रद्घा और विश्वास के साथ यह व्रत रखती हैं। मान्यता है कि इससे पति की उम्र लंबी होती है, दांपत्य जीवन में वियोग का कष्ट नहीं भोगना पड़ता है। लेकिन परंपरा से एक कदम आगे बढ़कर अब प्रेमिकाएं भी अपने प्रेमी को पति रूप में पाने के लिए यह व्रत रखने लगी हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि भाई के लिए रखा गया करवा चौथ व्रत तारों को देखकर तोड़ा जाता है।