
शिव नगरी काशी में देव दिवाली का महापर्व हर वर्ष नए रिकॉर्ड दर्ज कर रहा है। इस साल नए और भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की शुरुआत के बाद से ही देश-विदेश से आने वाले भक्तों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि इस साल काशी देव दिवाली में भक्तों की भीड़ ने आज तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं। जिला प्रशासन के अनुसार इस साल करीब 12 लाख लोग काशी के देव दिवाली के साक्षी बने।
वाराणसी में राजघाट से अस्सी घाट की तरफ जाने वाली ऐसी कोई भी गली नहीं बची जहां भक्तों का भारी हुजूम देखने को न मिला हो। दोपहर 3 बजे से ही दशाश्वमेध की तरफ जाने वाले सारे मार्गों को बंद करना पड़ा था।
रात 8 बजे बजने तक काशी के घाटों की तरफ जा रहे लोगों को प्रशासन द्वारा वापस लौटाया जाने लगा क्योंकि भारी भीड़ से व्यवस्था नियंत्रण पर असर पड़ना शुरू हो गया था। राजघाट की ओर जा रहे मार्गों हज़ारों की संख्या में भक्तों की भीड़ यह सोच कर खड़े रहे कि रास्ता खुलेगा और वह घाट तक जा सकेंगे। कई किलोमीटर तक लोगों को अपने करीबी-रिश्तेदारों संग पैदल चलते देखा गया।
घाटों की गोलियों में घंटों रहा जाम
भारी भीड़ के कारण लोगों को ख़राब व्यवस्था से जूझना पड़ा। शाम 6 बजे से लेकर देर रात तक घाटों की गलियां जाम का शिकार रही। इन गलियों में कोई सुरक्षाकर्मी तक नहीं था जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग लोगों को काफी कठिनाई हुई। ड्यूटी पॉइंट को छोड़कर सुरक्षाकर्मी बाकी जगहों से गायब रहे।
चेतसिंह घाट और शिवाला घाट करीब 4 घंटों का जाम की चपेट में रहे। कई लोगों ने पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए फ़ोन तक लगाया लेकिन रिस्पांस जीरो रहा। इतनी भीड़ की वजह से पैर रखने की जगह भी नहीं मिली।
शहरी गए तो ग्रामीण ने आकर बढ़ाई भीड़
काशी में देव दीपावली देखकर जब शहरी लोग अपने घरों को लौटने लगे तो भीड़ कुछ कम हुई। कुछ ही देर बाद आसपास के गांव के लोग पहुंचने लगे, जिससे एक बार फिर भीड़ बढ़ गई। रात 12 बजे तक काफी भीड़ रही।
चंद्र ग्रहण के कारण सोमवार को दोपहर बाद पूर्णिमा तिथि लगने पर काशी में देव दीपावली का उत्सव मनाया गया। इस साल देव दिवाली पर काशी धाम को 10 लाखों दीयों से रोशन किया गया।
Published on:
09 Nov 2022 07:50 am
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