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8 अप्रैल से नहीं खुलेंगे काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन मंदिर, करना होगा थोड़ा और इन्तज़ार

पहले तैयारियां और व्यवस्थाएं परखेगा ज़िला प्रशासन।

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Kashi Vishwanath Mandir

Kashi Vishwanath Mandir

वाराणसी. विश्वनाथ, काल भैरव या संकटमोचन मंदिर में दर्शन पूजन के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। जिला प्रशासन पहले यहां की व्यवस्थाएं परखेगा। इसके बाद ही इन्हें आम लोगों के लिए खोलने की इजाजत मिलेगी। जिला प्रशासन की एक टीम सोमवार आठ जून को काशी विश्वनाथ मंदिर का निरीक्षण कर कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के मानकों को परखेगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो नौ जून से भक्त बाबा के दर्शन कर पाएंगे। दूसरे धर्मस्थलों की तैयारियों को भी इसी तरह जांचा जाएगा। इसके बाद ही उन्हें खोलने की इजाज़त मिलेगी। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर में आठ जून को व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इसके बाद ही मंदिर को भक्तों के लिए खोलने पर निर्णय होगा।

क्या हैं तैयारियां

काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन मंदिर और काल भैरव मंदिर प्रशासन की ओर से मंदिरों की साफ सफाई कराकर उसे पूरी तरह सेनेटाईज करा दिया गया है। दर्शन के लिये आने वाले भक्तों की थर्मल स्कैनिंग होगी और सेनेटाईजिंग की व्यस्था भी की गयी है। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मानक दूरी पर गोले बनाए गए हैं। इसके अलावा प्रवेश और निकास के लिए गेट भी तय कर दीये गए हैं।

मन्दिर प्रशासन ने कहा हमारी तैयारी पूरी

काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के पीआरओ पीयूष तिवारी ने बताया कि शासन प्रशासन की ओर से तय मानक के अनुरूप मंदिर में सेनेटाईजिंग से लेकर थर्मल स्कैनिंग और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा इंतजाम है। एक बार में पांच लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। पांचों आरती के पहले मंदिर को सेनेटाईज किया जाएगा।

काल भैरव मंदिर के महंत नवीन गिरी ने बताया कि शाम छह बजे स्थानीय शहर कोतवाली में इसी संबंध में एक बैठक है। हमारी तैयारी पूरी है, प्रशासन जांच कर अपनी तसल्ली कर सकता है। संकटमोचन मंदिर में भी मानक के अनुरूप तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन की जांच के बाद संभवत: मंदिरों में भक्तों को दर्शन मिल सकेगा।