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काशी विश्वनाथ में दिखेगी सावन की छटा, शिवभक्तों को मिलेगा मंदिर परिसर का तोहफा, नहीं लगेगी सड़कों पर कतार

Kashi Vishwanath Mandir preparations for Sawan festival- काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Mandir) के कपाट भी भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। वहीं सावन (Sawan) को देखते हुए मंदिर में भक्तों के लिए खास इंतजाम किया जा रहा है। नवंबर मध्य तक तैयार होने वाले काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में सावन की छटा दिखने लगेगी।

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Kashi Vishwanath Mandir preparations for Sawan festival

Kashi Vishwanath Mandir preparations for Sawan festival

वाराणसी. Kashi Vishwanath Mandir preparations for Sawan festival. उत्तर प्रदेश में कर्फ्यू रिलैक्सेशन मिलते ही मंदिर भी खुलने लगे हैं। जैसे-जैसे स्थिति सुधर रही है, मंदिरों में भक्तों का आना भी शुरू हो जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी के चर्चित काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Mandir) के कपाट भी भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। वहीं सावन (Sawan) को देखते हुए मंदिर में भक्तों के लिए खास इंतजाम किया जा रहा है। नवंबर मध्य तक तैयार होने वाले काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में सावन की छटा दिखने लगेगी। तैयार हो चुके मंदिर के चौक और परिसर में भक्त कतार में लग कर अपनी बारी आने पर दर्शन कर सकेंगे। सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या को दूर करने के लिए इस तरह का प्रबंध किया जा रहा है। जिससे कि भक्त एक ही जगह पर दर्शन कर पर्याप्त समय मंदिर में बिता सकें।

15 नवंबर तक कार्य पूरा करने का निर्देश

वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने इस पर कहा कि कोविड के चलते कामगार अपने गंतव्य स्थान चले गए थे। इस वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा था, लेकिन अब सभी मजदूर आ गए हैं। काम की गति भी बढ़ा दी गई है। कोशिश है कि 15 नवंबर तक काशी विश्वनाथ कॉरिडोर या विश्वनाथ धाम का काम पूरा हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि सावन में मंदिर परिसर और मंदिर चौक का काम काफी खुल चुका है। जोर दिया जा रहा है कि इस बार मंदिर परिसर में ही ज्यादा से ज्यादा लोग इकट्ठा हो सकें और सड़क पर घंटो जाम भी न लगे।

गौरतलब है कि बुधवार को मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में काशी विश्वनाथ धाम परियोजना की समीक्षा बैठक हुई थी। बैठक में तय किया गया कि विश्वनाथ धाम में मुख्य मंदिर परिसर के अलावा मंदिर चौक, जलपान केंद्र, गेस्ट हाउस, यात्री सुविधा केंद्र, म्यूजियम, आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र, मुमुक्षु भवन अस्पताल का निर्माण पूरा होने की कगार पर है। ऐसे में निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद यहां से सीधे मां गंगा के दर्शन किया जा सकेंगे। गंगा घाट पर जेटी का कार्य पूर्ण हो चुका है और अब फिनिशिंग का काम शुरू होना है। वहीं धाम क्षेत्र की 23 में से 19 इमारतों पर कार्य चल रहा है। मंदिर परिसर में गर्भगृह से लगा हुआ बैकुंठ मंदिर, दंडपाणि के साथ तारकेश्वर और रानी भवानी मंदिर रहेगा। इसके अलावा गर्भगृह से लगे बाकी विग्रह को परिसर के पास ही बनाया जाएगा। परिसर में 34 फीट ऊंचाई वाले चार गेट होंगे।

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