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सावन में मंहगा हुआ बाबा विश्वनाथ का दर्शन, महामृत्यंजय जाप के लिए एक लाख तो मंगला आरती के लिए लगेंगे 1500 रुपये

Kashi Vishwanath Mandir revised rates increased in month of Sawan - इस बार बाबा विश्वनाथ के भक्तों को मंगला आरती (Kashi Vishwanath Mangla Aarti) में शामिल होने और सुगम दर्शन के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने पिछले साल की तुलना में मंगला आरती में शामिल होने के लिए दरों में इजाफा कर दिया है

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Kashi Vishwanth Mandir

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वाराणसी. Kashi Vishwanath Mandir revised rates increased in month of Sawan. 25 जुलाई से सावन माह (Sawan Month) की शुरूआत हो रही है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्रीकाशी विश्वनाथ की मंगला आरती देशभर में चर्चित है। हर साल बड़ी मात्रा में श्रद्धालु बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Mandir) की मंगला आरती में शामिल होने के लिए आते हैं। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या दर्शन करने के लिए आएगी। लेकिन इस बार बाबा विश्वनाथ के भक्तों को मंगला आरती (Kashi Vishwanath Mangla Aarti) में शामिल होने और सुगम दर्शन के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने पिछले साल की तुलना में मंगला आरती में शामिल होने के लिए दरों में इजाफा कर दिया है। सोमवार से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में सावन भर मंगला आरती करने आने वाले श्रद्धालुओं को 1500 रुपये देने होंगे, जो कि पिछले वर्ष 1200 रुपये था। वहीं सोमवार को छोड़ अन्य दिनों में मंगला आरती में शामिल होने के लिए 700 रुपये देने होंगे जो कि पिछले वर्ष 600 रुपये था। यह नई दर सिर्फ सावन माह में ही प्रभावी रहेगी।

अतिरिक्त सुविधाओं के कारण बढ़ाया रेट

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक ने रिवाइज्ड रेट जारी कर दी है। मंदिर के सीईओ ऑफिसर सुनील कुमार वर्मा ने कहा है कि नई रेट के अनुसार एक शास्त्री के साथ रूद्राभिषेक कराने पर 700 रुपये शुल्क देना होगा। पांच शास्त्री के साथ रुद्राभिषेक कराने पर 2100 रुपए देने होंगे। इसी तरह से एक दिन में 32 शास्त्री से महामृत्युंजय मंत्र का जाप कराने के लिए एक लाख रुपए देने होंगे। जबकि पांच दिनों तक 7 शास्त्री से महामृत्युंजय मंत्र का जाप कराने के लिए 51 हजार रुपए देवालय शुल्क देना होगा। मंगला आरती में रेट बढ़ाने का कारण उन्होंने दी जाने वाली अतिरिक्त सुविधाओं को बताया। उन्होंने कहा कि इस बार मंदिर में एलईडी लाइट्स लगाई जा रही हैं, परिसर में बैठने की व्यवस्था जा रही है। कोविड नियमों के तहत ही श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन कराया जाएगा।

सावन के चार सोमवार होंगे यह श्रृंगार

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में हर सोमवार को विविध रूप से श्रृंगार होगा। पहले सोमवार (26 अगस्त) को शिव श्रृंगार, दूसरे सोमवार (02 अगस्त) को शिव-पार्वती श्रृंगार, तृतीय सोमवार (09 अगस्त) को अद्र्धनारीश्वर श्रृंगार और चौथे सोमवार (16 अगस्त) को रुद्राक्ष श्रृंगार और पांचवें सोमवार यानी पूर्णिमा पर शिव-पार्वती-गणेश की चल प्रतिमाओं का झूला श्रृंगार होगा।

सावन मास के लिए तय देवालय शुल्क

1- मंगला आरती (सावन के सामान्य दिनों में)- 700 रुपये

2- मंगला आरती (प्रत्येक सावन सोमवार)- 1500 रुपये

3- दर्शन (सावन के सामान्य दिन में)- 500 रुपये

4- दर्शन (प्रत्येक सावन सोमवार)- 750 रुपये

5- सप्तर्षि आरती- 200 रुपये

6- सन्यासी भोग (सावन सोमवार)- 7,500 रुपये

7- श्रृंगार (प्रत्येक सावन सोमवार)- 15000 रूपये

8- पूर्णिमा श्रृंगार के लिए- 3700 रुपये

9- अखंडदीप के लिए- 700 रुपये

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