जिन निशुल्क शास्त्रियों पर कार्रवाई की गई है इन सबको हेल्प डेस्क की ओर से रखा गया था। टिकट खरीदकर सुगम दर्शन करने वालों को दर्शन पूजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिये इनकी तैनाती की गई थी। पर इधर इनकी शिकायत मिलने लगी थी। इनपर आरोप लग रहे थे कि भक्तों को मंदिर के अंदर ले जाने के बाद ये निशुल्क शास्त्री जबरदस्ती रस्म अदा करवाते थे। मंडलायुक्त ने जांच की तो पाया कि हेल्प डेस्क की ओर से रखे गए निशुल्क शास्त्री दर्शनार्थियों से निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त पैसों की मांग करते हैं, इसके अलावा मंदिर के कर्मचारियों के भी श्रद्धालुओं से दुर्रव्यवहार करने की शिकायतें प्राप्त हुई थी।