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Kashi Vishwanath Trust Council का फैसला, विश्वनाथ मंदिर देवालय शुल्क में होगी वृद्धि, धाम की अचल संपत्ति व सेवादारों-कमर्चारियों के हित में भी निर्णय

काशी विश्वनाथ न्यास परिषद की बैठक में कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। माना जा रहा है कि इन फैसलों से जहां काशी विश्वनाथ धाम की आय में बढ़ोत्तरी होगी वहीं धाम के सेवादारों और अन्य कर्मचारियों को भी फायदा पहुंचेगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर कई अन्य निर्णय लिए गए हैं, तो जानते हैं क्या वो फैसले...

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काशी विश्वनाथ धाम

काशी विश्वनाथ धाम

वाराणसी. काशी विश्वनाथ धाम की अचल संपत्ति किराए पर दी जा सकेगी। देवालय शुल्क में होगी वृद्धि, ये बड़े और महत्वपूर्ण फैसले काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की बैठक में लिए गए हैं। इसके तहत धार परिसर स्थित बहुउद्देशीय सभागार व अन्य खुले स्थानों को किराये पर दिया जा सकेगा। इससे मंदिर की आय बढ़ेगी जिससे धाम के अन्य कार्यों व दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधा दी जा सकेगी। बैठक में किराये की दर पर भी विचार किया गया।

सेवादारों व कर्मचारियों के लिए बनेगी सेवानियमावली

अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय की अध्यक्षता में हुई न्यास परिषद की बैठक में 39 साल बाद मंदिर में काम करने वाले कर्मचारियों व सेवादरों के लिए सेवानियमावली बनाने जैसा महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। बता दें कि इस सेवानियमावली को लेकर कर्मचारी और सेवादार कई बार अपनी आवाज उठा चुके हैं। मंदिर प्रशासन ने इसके लिए कई बार कोशिश भी की लेकिन सेवा नियमावली तैयार नहीं हो सकी। अब इन सेवादारों व कर्मचारियों के लिए सेवानियमावली बनने से उनके वेतन व अन्य सुविधाएं प्रदान करने में आसानी होगी।

सेवा नियमावली व देवालय शुल्क में वृद्धि पर विचार को कमेटी गठित

साथ ही मंदिर के देवालय शुल्क में वृद्धि व सेवानियमावली के लिए दो समिति गठित करने का फैसला लिया गया। शुल्क वृद्धि के लिए गठित समिति में मंदिर के एसीईओ, ओएसडी व अध्यक्ष की ओर से नामित दो सदस्य होंगे। वहीं सेवा नियमावली से संबंधित समिति में अपर निदेशक कोषागार पेंशन राजकुमार शुक्ल, एसीईओ व अध्यक्ष की ओर से नामित दो सदस्य होंगे। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि समिति अगली बैठक में प्रस्ताव रखेगी। इस मौके पर मंदिर क आय-व्यय का बजट भी पेश किया गया।

पेश किया गया आय-व्यय का बजट
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-2020, 2020-2021 व 2021-2022 के बजट व अनुपूरक बजट का अनुमोदन हुआ। पूर्व में हुए विभिन्न कार्यों के लिए न्यास निधि से पांच लाख रुपये से अधिक निकाली गई धनराशि के अलावा अन्नक्षेत्र निर्माण, दुकानदारों-किराएदारों सहित कॉरिडोर के मलबे के निस्तारण में लगी धनराशि पर सहमति ली गई। कोरोना मरीजों के उपचार के लिए दवा व उपकरण पर खर्च 64 लाख 31 हजार 648 रुपये व जरूरतमंदों के लिए भोजन वितरण पर व्यय राशि को भी पास कराया गया।

शिव की रसोई का अनुमोदन
श्री संकटहरण हनुमान मंदिर, बेनीपुर, सारनाथ की प्रबंध व्यवस्था/सुन्दरीकरण के अंतर्गत सिविल कार्य में हुए व्यय सहित टेढ़ीनीम स्थित अन्नक्षेत्र में संचालित ‘‘शिव की रसोई’’ का अनुमोदन प्रदान किया गया।

बैठक में ये रहे शामिल
बैठक में काशी नरेश के परिवार वारिश कुंवर अनंत नारायण सिंह व शृंगेरी के शंकराचार्य के प्रतिनिधि, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी, प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, पं. प्रसाद दीक्षित, प्रो. बृजभूषण ओझा, पं. दीपक मालवीय, के. वेंकटरमण घनपाठी, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी सुभाष चंद्र यादव व अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी निखिलेश कुमार मिश्र मौजूद रहे।