
RPN Singh wife
वाराणसी. यूपी में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत की सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि कुशीनगर लोकसभा सीट पर पूर्व सांसद कुंवर आरपीएन सिंह की सक्रियता तेज होने से इस बात के कयास लगाये जा रहे हैं कि कांग्रेस कुशीनगर सीट से आरपीएन सिंह को 2019 लोकसभा चुनाव में टिकट देने की तैयारी में है। आपको बता दें कि आरपीएन सिंह लाखों के सम्पत्ति के मालिक हैं। लेकिन इनकी पत्नी सोनिया की सम्पत्ति इनसे पांच गुना अधिक है।
करोड़ों की मालकिन है सोनिया सिंह
दरअसल, 2014 के पर्चा दाखिला में आरपीएन सिंह ने अपना और अपनी पत्नी के संपत्ति का ब्यौरा दाखिल किया था। उसके अनुसार उनकी पत्नी सोनिया सिंह उनसे अमीर हैं और अधिक टैक्स भी भरतीं हैं। यही नहीं सोनियां सिंह की संपत्ति आरपीएन सिंह की संपत्ति से पांच गुने से भी अधिक है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पर कोई मुकदमा नहीं है। पर्चे के साथ दाखिल ब्योरा में आरपीएन सिंह के पास बैंक और नकद कुल मिलाकर 86 लाख 83 हजार 267 रुपये की संपत्ति दर्शायी गई है। इसमें उनके पास एक ट्रैक्टर और एक जीप के साथ मोहाली में आवासीय भूखंड की कीमत भी शामिल है। इनकी पत्नी सोनिया सिंह लग्जरी गाड़ियां, शेयर्स, नकदी और जेवरात मिलाकर एक करोड़ 40 लाख 39 हजार 121 रुपये की मालकिन हैं। भूमि और अपार्टमेंट की संपत्ति में भी आरपीएन सिंह की संपत्ति की कुल कीमत एक करोड़ 85 लाख रुपये है तो वहीं इन मामलों में उनकी पत्नी की संपत्ति छह करोड़ 35 लाख की है। सोनियां सिंह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से एक करोड़ 15 लाख रुपये की कर्जदार भी हैं। आरपीएन सिंह ने वर्ष 2013-14 में 24 लाख 56 हजार 866 रुपये टैक्स के रूप में जमा किया है तो इनकी पत्नी सोनिया सिंह एक करोड़ 33 लाख 67 हजार 323 रुपये की टैक्स अदायगी की हैं। आरपीएन सिंह ने खुद के अर्जित धन से कोई संपत्ति नहीं खरीदी है, लेकिन सोनिया सिंह ने पांच करोड़ बयानवे लाख की संपति खरीदीं हैं। सोनिया सिंह एक टीवी चैनल में सेयर होल्डर भी हैं। इस पूरी संपत्ति के लिए किसी आश्रितों का कालम में शून्य लिखा गया है।
जानिए कौन है कुंवर आरपीएन सिंह
यूपी की पडरौना रियासत के महाराजा कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह (आरपीएन सिंह) यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आरपीएन सिंह दोस्तों में रिची के नाम से मशहूर हैं। आरपीएन सिंह 2002 में कांग्रेस के सचिव बनाए गए थे। साल 2004 में वह लोकसभा का चुनाव हार गए थे, मगर 2009 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीतकर पार्टी में अपना कद बढ़ाया और यूपीए की सरकार में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की जिम्मेवारी निभाई। इन्हें कई राज्यों के प्रभारी की जिम्मेवारी दी गई, जिनको इन्होंने बखूबी निभाया।
Published on:
19 Dec 2018 02:01 pm
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