
साधना सिंह और मायावती
वाराणसी. यूपी के मुगलसराय से बीजेपी की विधायक साधना सिंह बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर चर्चा में है । बीजेपी विधायक को राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस भेजने जा रही है, वहीं सपा- बसपा के नेता भी उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं । साधना सिंह इससे पहले भी वह कई विवादों में घिर चुकी है ।
कौन हैं साधना सिंह
चंदौली की रहने वाली साधना सिंह 1992 में रामजन्म भूमि आन्दोलन से भाजपा के साथ जुडी थी । साधना सिंह इस दौरान बहुत सक्रिय भी रही थी । 1995 में उन्हें वाराणसी भारतीय जनता पार्टी का कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया । साधना सिंह 2000 में जिला पंचायत सदस्य के तौर पर सकलडीहा के सेक्टर नंबर 2 से निर्वाचित हुई थी । साधना सिंह 2000 में भाजपा की जिलामंत्री और 2002- 2008 तक महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी हैं । साधना सिंह को 2007 में जिला उद्योग व्यापार मंडल की जिलाध्यक्ष के तौर पर चुना गया। साधना सिंह को 2011 से 2014 तक दोबारा भाजपा का जिला उपाध्यक्ष बनाया गया । 2014 में यूपी बीजेपी ने उन्हें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के तौर पर भी चुना , साधना सिंह को 2016 में दोबारा प्रदेश कार्यसमिती सदस्य के तौर पर चुना गया। 2017 में पहली बार मुगलसराय से बीजेपी की विधायक चुनीं गई ।
विवादों से रहा है पुराना नाता:
यूपी में 2017 के विधानसभा चुनाव के समय एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें साधना सिंह सपाइयों को कथित रूप से गालियां देती नजर आ रही हैं। वीडियो को लेकर चर्चा थी कि यह वोटिंग वाले दिन का था।
साधना सिंह ने विधायक बनने के छह महीने बाद ही मुगलसराय रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान गंदगी देखकर वह बिफर पड़ी और सफाई रखने को लेकर डीआरएम को चेतावनी दे डाली। वहीं उनके समर्थक डीआरएम से भिड़ गए।
समीक्षा बैठक के दौरान विधायक साधना सिंह यूपी सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयप्रकाश निषाद पर भड़कते हुए कह दिया था कि प्रभारी मंत्री जी, आज के बाद आपकी बैठक में नहीं आऊंगी।
Updated on:
20 Jan 2019 05:52 pm
Published on:
20 Jan 2019 05:44 pm
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