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जानिए शनिवार को ही क्यों पहनते हैं काले कपड़े, क्या है इसका महत्व

अक्सर पूजा-पाठ में व शादी-विवाह के कार्यक्रमों में भी काले रंग के कपड़े पहनने की मनाही होती है

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Shani Dev

वाराणसी. शनिवार शनि महाराज का दिन होता है। शनिदेव अत्यंत विशिष्ट देव हैं। वे ग्रह भी है और देवता भी उनका प्रताप ऐसा है कि वे राजा को रंक और रंक को राजा बना देते हैं। शनिवार के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए और शनि के प्रकोप से बचने के लिए लोग अक्सर काले रंग के वस्त्र पहनते हैं। लेकिन कभी-कभार कुछ अच्छा करने के चक्कर में कुछ न कुछ अशुभ भी हो जाता है। इसलिए बेहतर है कि कोई भी धार्मिक कार्य शुरू करने से पहले किसी ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें।


शनिवार के दिन शनि के प्रकोप से बचने के लिए पहने जाने वाले काले रंग के वस्त्र के बारे में -
शनि का कुप्रभाव तो जग जाहिर है यह यदि क्रुद्ध हो जाए तो सुखी जीवन में भी उथल-पुथल मचा सकता है। इसलिए इसके प्रभाव को कम करने के लिए शनिवार के दिन काले रंग का कपड़ा पहना जाता है। लेकिन असल में काला रंग अशुभता का प्रतीक माना जाता है। यह अशुभ के साथ-साथ आलस्य का प्रतीक होता है। अक्सर पूजा-पाठ में व शादी-विवाह के कार्यक्रमों में भी काले रंग के कपड़े पहनने की मनाही होती है। इस रंग को अपशगुन के तौर पर भी माना जाता है। लेकिन शनिवार के दिन इस रंग को इसलिए प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि यह शनिदेव से जुड़ा हुआ है।

ऐसे करें पूजा
1. हर शनिवार मंदिर में सरसों के तेल का दीया जलाएं। ध्यान रखें कि यह दीया उनकी मूर्ति के आगे नहीं बल्कि मंदिर में रखी उनकी शिला के सामने जलाएं और रखें।

2. अगर आस-पास शनि मंदिर ना हो तो पीपल के पेड़ के आगे तेल का दीया जलाएं। अगर वो भी ना हो तो सरसों का तेल गरीब को दान करें।

3. शनिदेव को तेल के साथ ही तिल, काली उदड़ या कोई काली वस्तु भी भेंट करें।

4. भेंट के बाद शनि मंत्र या फिर शनि चालीसा का जाप करे।

5. शनि पूजा के बाद हनुमान जी की पूजा करें. उनकी मूर्ति पर सिन्दूर लगाएं और केला अर्पित करें।

शनिदेव की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करें: ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: