
वाराणसी। साल आखिर चंद्रग्रहण शरद पूर्णिमा को लग रहा है। 29 अक्टूबर की रात 1 बजकर 6 मिनट से लगने वाले चंद्रग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले से शुरू हो जाएगा। ऐसे में सभी धार्मिक कार्य बंद हो जाएंगे। इसलिए धर्म की नगरी काशी में पिछले 32 वर्षों से हो रही संध्या गंगा आरती भी चौथी बार दिन में आयोजित होगी। काशी में गंगा सेवा निधि द्वारा और गंगोत्री सेवा समिति सहित अस्सी घाट पर होने वाली संध्या आरती दिन में ही कराई जाएगी।
दोपहर ढाई बजे से शुरू होगी गंगा आरती
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया की चंद्रग्रहण लगने की वजह से सूतक काल प्रभावी होगा जिसमें किसी भी प्रकार का धार्मिक कार्य नहीं किया जाता है। सभी देवालयों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में गंगा सेवा निधि की दैनिक गंगा आरती दोपहर ढाई बजे से शुरू होगी और 3 बजकर 30 मिनट तक चलेगी।
तीन बार पहले भी हुई है दिन में आरती
सुशांत ने बताया कि इससे पहले तीन बार चंद्रग्रहण के कारण आरती का समय बदला जा चुका है। पिछली बार 16 जुलाई 2019 को समय बदला गया था। उसके पहले 27 जुलाई 2018 और आठ अगस्त 2017 को गंगा आरती चंद्र ग्रहण के कारण दोपहर में की गई थी।
जानिए कब शुरू होगा सूतक काल
पंडित बलराम मिश्र ने बताया कि भारत में चंद्र ग्रहण 28-29 अक्टूबर 2023 को देर रात 01.06 पर शुरू होगा और देर रात 02.22 पर खत्म होगा। चंद्र ग्रहण में सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। ऐसे में शरद पूर्णिमा के दिन से यानि 28 अक्टूबर 2023 को दोपहर 4.25 बजे से सूतक शुरू होगा जो ग्रहण समाप्ति पर ही खत्म होगा।
Updated on:
26 Oct 2023 07:06 pm
Published on:
26 Oct 2023 07:02 pm
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