
श्री काशी विश्वनाथ धाम
वाराणसी. काशी विश्वनाथ मंदिर सदियों पुराना है। मान्यता है कि काशी में श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन और मां गंगा की धारा में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में अब प्राचीन मान्यताओं को अक्षुण्ण रखते हुए नवीनता का समागम कर श्री काशी विश्वनाथ धाम को पूर्णता प्रदान करने की कोशिश चल रही है। इसी के तहत बाबा धाम के पूर्वी छोर पर मां गंगा द्वार के निर्माण के साथ ही श्री काशी विश्वनाथ और मां गंगा के मिलन का रास्ता तो खुल ही गया है। अब परिसर में मां गंगा की प्रतिमा स्थापित होगी। इससे पहले धाम परिसर में अहिल्याबाई, भारत माता की प्रतिमा है ही। अनेक देव विग्रह मसलन मां पार्वती मां अन्नपूर्णा प्रथमेश श्री गणेश विश्वनाथ चौकी भी है। अन्न क्षेत्र भी खुल चुका है। बाबा का गर्भगृह अंदर व बाहर से स्वर्णमयी हो चुका है। अब मंदिर प्रशासन के मां गंगा की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की मंजूरी भी मिल गई है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में होंगे शादी जनेऊ और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा के अनुसार जल्द ही विश्वनाथ धाम में सामाजिक कार्यों के संपादन के साथ ही मांगलिक कार्य भी होंगे। वर-वधू बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से अपने दाम्पत्य जीवन की शुरूआत कर सकेंगे।
विशाल परिसर में श्रद्धालुओं के लिए बिछाई जा रही मैटिंग की दो-तीन लेयर
गर्मी के मौसम में श्रद्धालुओं के पांव न जलने पाएं इसके लिए मैट को भी दोहरा-तिहरा कर बिछाया जा रहा है। साथ ही गैलरी में बैठने व पेयजल की भी व्यवस्था की गई है। तिरपाल का शेड भी लगाया जा रहा है ताकि धूप की तपिश से बच सकें।
मेडिकल कैंप का इंतजाम
जल्द ही मेडिकल कैंप का इंतजाम हो जाएगा। मंदिर प्रशासन अपने खर्च पर ओआरएस और ग्लूकोज के पैकेट भी बांटना शुरू करेगा।
मोक्षार्थियों के लिए वैद्यनाथ भवन (मुमुक्षु भवन)
मोक्ष कामना के साथ काशी वास करने वाले मोक्षारथियों के लिए बैद्यनाथ भवन होगा। बाबा धाम में एक साथ 40 शिवभक्तों को मोक्ष की कामना से काशीवास करने का लाभ मिल सकेगा। श्री काशी विश्वनाथ धाम में गंगा के छोर पर बने दो मंजिला मुमुक्षु भवन को 1161 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनाया गया है। इसमें मोक्ष की कामना से 40 बुजुर्गों के रहने का इंतजाम किया गया है। इसके लिए मेडिकल बेड लगाए गए हैं और परिसर में ही चिकित्सक की भी व्यवस्था होगी। बुजुर्गों की नियमित स्वास्थ्य जांच हो सकेगी। ये मुमुक्षु भवन सावन के बाद चालू हो जाएगा। बैद्यनाथ भवन (मुमुक्षु भवन), मानसरोवर (कैफेटैरिया), महाकालेश्वर (टीएफसी) और इंपोरियम को अलॉट कर दिया गया है।
मोक्षार्थियों के लिए कथा प्रवचन आदि का इंतजाम
श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुमुक्षु भवन में प्रवास करने वाले श्रद्धालु नियमित गंगा स्नान कर बाबा का दर्शन कर सकेंगे। ऐसे मोक्षार्थियों के लिए रामचरित मानस, शिव महापुराण कथा और भजन-कीर्तन का भी इंतजाम होगा। बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए ही गंगा द्वार पर रैंप और एस्कलेटर की सुविधा आरंभ हो चुकी है।
ये भी मिलेंगी सुविधाएं
-कलाकारों के लिए सांस्कृतिक केंद्र की सौगात मिलेगी। दो मंजिला इमारत सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए है।
-श्रद्धालुओं के लिए योग और ध्यान केंद्र के रूप में वैदिक केंद्र को स्थापित किया गया है।
-स्प्रिचुअल बुक सेंटर धार्मिक पुस्तकों का नया केंद्र होगा।
-बाबा की भोगशाला भी स्थापित की गई है जहां एक साथ 150 श्रद्धालु बैठकर बाबा विश्वनाथ का प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।
-विश्वनाथ धाम में प्रवेश के लिए 4 विशालकाय द्वार बनाए गए हैं। पहले यहां सिर्फ सकरी गलियां थीं।
-सुरक्षा के लिए हाईटेक कंट्रोल रूम है। पूरे धाम क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
-धाम में आपातकालीन चिकित्सा सुविधा से लेकर एंबुलेंस तक की व्यवस्था रहेगी।
-वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट शॉप, हस्तशिल्प के सामान की दुकानें और फूड कोर्ट भी बनाए गए हैं।
-काशी को आनंद कानन भी कहा जाता था। इसके मद्देनजर महादेव के प्रिय रुद्राक्ष, बेल, पारिजात के पौधों के साथ ही अशोक और तरह-तरह के फूल धाम परिसर में लगाए जा रहे हैं।
-तीन विश्रामालय, वैदिक केंद्र स्प्रीचुअल बुक स्टोर
-कल्चरल सेंटर, टूरिस्ट फैसिलटेशन सेंटर, सिटी म्यूजियम
-भोगशाला व दशनार्थी सुविधा केंद्र, पुजारी विश्राम कक्ष
Published on:
16 Jul 2022 01:49 pm
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