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Mahashivratri 2020: दर्शनार्थियों को नहीं होगी दिक्कत, प्रशासन ने कर ली है ऐसी व्यवस्था

-21 फरवरी को है महाशिवरात्रि, नहीं होगा 'सुगम दर्शन': कमिश्नर-मंदिर में इस बार भी होगा झांकी दर्शन-कतार में लगने से पहले होगी हर दर्शनार्थियों की चेकिंग-दर्शनार्थियों से अपील, साथ न ले जाएं प्रतिबंधित वस्तुएं-जूता-चप्पल तक पहन कर कतार में न लगें

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काशी विश्वनाथ

काशी विश्वनाथ

वाराणसी. महाशिवरात्रि पर इस बार दर्शनार्थियों को बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने में कोई असुविधा न हो इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस बार कोशिश है कि कोई वीआईपी दर्शन न हो, इसके लिए शासन स्तर से एडवाइजरी जारी कराना का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि पर आने वाले दर्शनार्थियों की भारी भीड़ के मद्देनजर ऐसा करने पर विचार चल रहा है। कमिश्नर ने बताया कि मंदिर क्षेत्र तक कोई भी वाहन नहीं जाने पाएगा। सभी वाहनों को गोदौलिया और मैदागिन स्थित टाउनहॉल मैदान के पार्किंग स्थल पर ही रोक दिया जाएगा।

नहीं होगा स्पर्श दर्शन

उन्होने बताया कि इस बार भी स्पर्श दर्शन नहीं बल्कि झांकी दर्शन ही होगा। बाबा के शिवलिंग पर जलाभिशेक के लिए पिछले साल की तरह गर्भगृह के गेट पर पात्र की व्यवस्था की जाएगी। ऐसा श्रद्धालुओँ की सहूलियत और भारी भीड़ के चलते किया जा रहा है।

'सुगम दर्शन' भी नहीं
यह भी बताया कि महाशिवरात्रि के दिन 'सुगम दर्शन' के टिकट भी नहीं कटवाए जाएंगे। टिकट काउंटर एक दिन पहले ही शाम पांच बजे बंद हो जाएंगे, जो लोग एक दिन पहले तक ऑनलाइन टिकट ले चुके होंगे उनके लिए इंतजाम किया जाएगा पर उनकी तादाद भी अधिकतम 1000 ही होगी।

बैरकेडिंग में लगते ही होगी चेकिंग

उन्होंने बताया कि श्रद्धालु मंदिर के अंतिम प्वाइंट तक प्रतिबंधित वस्तुएं न ले जा सकें इसके लिए बैरकेडिंग के अंदर कतारबद्ध होने से पहले ही सभी की चेकिंग की जाएगी। उन्होंने अपील भी कि कोई भी श्रद्धालु किसी तरह का ज्वलनशील पदार्थ जैसे माचिस आदि, पेन, किसी तरह का असलहा, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रानिक सामान आदि न ले जाएं।

गेट नंबर 4 से होगा प्रवेश
कमिश्नर ने बताया कि मंदिर में प्रवेश के लिए गेट नंबर-4 यानी छत्ता द्वार और उससे सटे एक अन्य द्वार से ही अनुमति मिलेगी। कहा कि निर्माण कार्य जारी रहने के चलते ऐसी व्यवस्था की जा रही है श्रद्धालुओं के लिए अलग से बैरकेडिंग की जाए।

श्रद्धालु जूता-चप्पल पहन कर न जाएं
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वो दर्शन-पूजन के लिए कतारबद्ध होने से पहले अपने जूता-चप्पल को सुरक्षित रखवा लें। कहा कि मंदिर में प्रवेश व निकासी के अलग-अलग द्वार होने के चलते हर साल श्रद्धालुओं को दिक्कत होती है। इस वजह से उन्हें सलाह दी जा रही है कि वो जूता-चप्पल का सुरक्षित इंतजाम खुद ही कर लें। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को नंगे पांव चलने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए कार्पेट बिछाई जाएगी।

दिव्यांगजन व वरिष्ठ नागरिकों के लिए ई-रिक्शा का इंतजाम

कमिश्नर ने बताया कि दिव्यांगजन व वरिष्ठ नागरिकों के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था की जा रही है, जो उन्हें मंदिर के द्वार तक पहुंचाएगा।

इससे पहले कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने डीएम कौशल राज शर्मा व एसएसपी प्रभाकर चौधरी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारियों संग महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में आने वाले दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए मंदिर को आने वाले मार्गो आदि का स्थलीय निरीक्षण किया।