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Mahashivratri 2021: शिवमय हुई काशी, शाम तक दो लाख लोगों ने किये बाबा के दर्शन, लगी हैं लम्बी-लम्बी कतारें

काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह मंगला आरती के समय से शुरू है दर्शन महाशिवरात्रि के मौके पर 48 घंटों तक खुला रहेगा बाबा का दरबार इस बार गर्भगृह के बाहर से ही हो रहा है दर्शन, स्पर्श दर्शन पर है रोक

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Mahashivratri 2021

महाशिवरात्रि 2021

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
वाराणसी. महाशिवरात्रि के मौके पर काशी में अलग ही नजारा है। शिवमय हुई काशी में हर ओर हर-हर और बम-बम की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्घालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। शहर के शिवालयों में दर्शन करने वालों की भीड़ है। गंगा घाट से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिये लम्बी कतारें लगी हुई हैं और गंगा में डुबकी लगाने वालों का तांता है। काशी विश्वनाथ मंदिर में तो शाम 5 बजे तक दो लाख से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं। सुबह मंगला आरती के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही दर्शन शुरू हुआ। इस बार गर्भगृह में जाने और स्पर्श दर्शन पर रोक है। सिर्फ झांकी दर्शन हो रहे हैं और जलाभिषेक के लिये गर्भगृह के चारों द्वार पर पीतल के विशाल पात्र लगाए गए हैं। मंदिर लगातार 48 घंटे तक खुला रहेगा।

सुबह मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू हुआ, लेकिन रात में ही श्रद्घालुओं ने पहुंचकर लम्बी-लम्बी कतारें लगा दी थीं। भीड़ को देखते हुए मंदिर में आने और जाने के अलग-अलग इंतजाम किये गए हैं। जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के लिये विशेष इंतजाम किया गया है। श्रद्घालुओं का चढ़ाया गया जल और दूध गर्भगृह तक पहुंचे इसके लिये गर्भगृह के चारों द्वार पर बाहर बड़े-बड़े पीतल के विशाल पात्र लगाए गए हैं। विश्वनाथ काॅरिडोर में विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई है जिसपर गर्भगृह से लाइव सीधा पसारण दिखाया जा रहा है। गुरुवार को पूरी रात मंदिर खुला रहेगा और चार पहर की विशेष आरती होगी।

अलग-अलग द्वार से दर्शन की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ का अंदाजा मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन को पहले से था। इसलिये इसको देखते हुए दर्शन के लिये विशेष इंतजाम किये गए हैं। मैदागिन से आने वाले श्रद्घालुओं को छताद्वार के 20 मीटर पहले से मंदिर चौक से मंदिर के पूर्वी गेट से दर्शन कराकर उन्हें मणिकर्णिका गली द्वार से वापस भेजा जा रहा है। इसी तरह गोदौलिया से आने वालों को बांसफाटक, ढुंढिराज गणेश के रास्ते पश्चिमी गेट से प्रवेश दिलाकर दर्शन कराया जा रहा है। वीआईपी, सुगम दर्शन, दिव्यांगजन को छताद्वार से प्रवेश दिलाकर मंदिर के दूसरे गेट से दर्शन कराते हुए उसी से वापस किया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों के लिए सरस्वती फाटक गली से मंदिर में दक्षिणी गेट से दर्शन का प्रबंध किया गया है।

कड़े सुरक्षा इंतजाम
महाशिवरात्रि के मौके पर उमड़ने वाली भीड़ और उसकी सुरक्षा के लिये फुलप्रूफ सिक्योरिटी का इंतजाम किया गया है। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के 30 कमांडो बुधवार की शाम से तैनात हैं। 10 एडिशनल एसपी की निगरानी में भारी भरकम सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। 10 कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स लगाई गई है। इसके अलाव गोदौलिया, दशाध्वमेध, चौक और मैदागिन क्षेत्र में 25 डिप्टी एसपी, 415 इंस्पेक्टर-दरोगा के साथ ही 1250 सिपाही लगाए गए हैं। इलके अलावा 200 महिला और पुरुष पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में श्रद्घालुओं के बीच में हैं। गंजा में जल पुलिस और एनडीआरएफ के 11 जवानों को तैनात किया गया है।

पहली बार श्रद्घालुओं ने देखी विश्वनाथ काॅरिडोर की आभा
महाशिवरात्रि में श्रद्घालुओं को विश्वनाथ काॅरिडोर की आभा को नजदीक से निहारने का भी मौका मिला। कई रास्तों से दर्शन करने जा रहे श्रद्घालुओं की निकासी निर्माणाधीन काॅरिडोर की ओर से अलग-अलग द्वारों से कराई जा रही है। श्रद्घालु काॅरिडोर को नजदीक से जान सकें, मंदिर प्रबंधन की ओर से इसके लिये भी इंतजाम किया गया है। मंदिर प्रशासन की ओर से परिक्षेत्र में एलईडी स्क्रीन पर काॅरिडोर की एक शाॅर्ट मूवी भी चलाई जा रही है।

शहर में निकली शिव बारात
एक तरफ जहां सुबह से ही काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिये श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा ताे वहीं शहर में शिव बारात की भी धूम रही। सबसे आकर्षण का केन्द्र रही शहर के तिलभांडेश्वर मंदिर से निकलने वाली शिव बारात। इस बारात में देवी, देवता, भूत, प्रेत सबके स्वरूप शामिल होते हैं। दर्जनों हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ भव्य शिव बारात बैंड बाजे के साथ निकली। किसी आम बारात के निकलने की तरह ही पहले महिलाओं ने परछन किया और मंगल गीत गाए। शहर में आधा दर्जन से अधिक जगहों से शिव बारात निकाले जाने की परंपरा चली आ रही है।