
काशी में महाशिवरात्रि
वाराणसी. महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है । गुरूवार देर रात से ही काशी के शिवालयों के आगे श्रद्धालुओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी । बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिये गेट नंबर- 4 से इंट्री की व्यवस्था की गई है और वहां लंबी लाइन लगी हुई है । वहीं महाशिवरात्रि पर सुरक्षा का भी खास इंतजाम किया गया है, आज वाराणसी में कई जगह रूट डायवर्जन भी किया गया है। पूरा मंदिर क्षेत्र हर- हर महादेव के नारे से गूंज रहा है ।
बता दें कि इस बार महाशिवरात्रि में एक बार फिर श्रद्धालुओं को झांकी दर्शन ही करना पड़ रहा है । बाबा के शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए पिछले साल की तरह गर्भगृह के गेट पर पात्र की व्यवस्था की गई है ।
इन मार्गों पर यातायात प्रतिबंध
रामापुरा व सोनारपुरा से गोदौलिया होकर मैदागिन तक तथा गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक सभी प्रकार के वाहन प्रतिबन्धित रहेंगे। दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए मैदागिन से पांच शटल ऑटो रिक्शा की भी व्यवस्था रहेगी।
आज शाम 05:22 बजे लगेगी चतुर्दशी
काशी के ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 21 फरवरी की शाम 05:22 बजे लगेगी और इसका मान 22 फरवरी की शाम 07:03 बजे तक रहेगा। महाशिवरात्रि के अनुष्ठान में निशाव्यापिनी चतुर्दशी का मान होता है इसलिए शिव-विवाह की परंपरा इसी निशा में पूर्ण की जाएगी। महाशिवरात्रि के चार प्रहरों में चार अलग-अलग मंत्रों से शिव आराधना की मान्यता है। वैसे इस निशा में शास्त्र सम्मत मंत्र, 'ऊं नम: शिवाय' के मानसिक जप की विशेष महत्ता है। महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परंपरागत रूप से 24 घंटे खुला रहेगा। दर्शऩ-पूजन व मंदिर में इस खास मौके पर होने वाली आरती के लिए समय का निर्धारण कर दिया गया है।
Updated on:
21 Feb 2020 09:13 am
Published on:
21 Feb 2020 09:09 am
