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इतिहास में पहली बार काशी के कोतवाल काल भैरव ने धरा आधुनिक कोतवाल स्वरूप, सजा दरबार

काशी के इतिहास में पहली बार काशी के कोतवाल के रूप मे मान्यता प्राप्त काल भैरव बाबा का आधुनिक पुलिस अफसर के रूप में शृंगार किया गया। वर्दी, टोपी, नेमप्लेट लगाया गया। टेबुल रखी गई। जनसुनवाई हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुकम्मल सुरक्षा की अर्जी लगाई गई। सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश रचने वालों को सख्त सजा की दुआ की गई।

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काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव का नए स्वरूप में शृंगार

काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव का नए स्वरूप में शृंगार

वाराणसी. प्राचीन काल से ही बाबा काल भैरव को काशी के कोतवाल के रूप में मान्यता मिली है। लेकिन अभी तक एक पुलिस अफसर के रूप में उनका शृंगार कभी नहीं हुआ। पर मंदिर के महंत शिव प्रसाद पांडेय को सपना क्या आया उन्होंने बाबा का आधुनिक कोतवाल के रूप में विशेष शृंगार करवा दिया। इसकी भनक लगते ही बाबा दरबार में दर्शनार्थियों की भीड़ जमा हो गई, बाबा के इस रूप को देखने के लिए।

महंत शिवप्रसाद को आया था स्वप्न

काल भैरव मंदिर के महंत पंडित शिवप्रसाद पांडेय बताते हैं कि हाल ही में एक रात उन्होंने स्वप्न देखा कि बाबा काल भैरव कोतवाल स्वरूप में दरबार सजाए बैठे हैं। उन्होंने बाकायदा पुलिस की वर्दी पहन रखी है। उसके बाद ही यह निश्चय किया कि बारी आने पर बाबा का आधुनिक पुलिस अफसर स्वरूप में शृंगार करेंगे और बारी आते ही शृंगार कर दिया।

लगाया गया आधुनिक पुलिस अफसर वाला रौबदार मुखौटा

काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव को लगाया गया आधुनिक पुलिस अफसर वाला मुखौटा। पहनाई गई पुलिस की वर्दी और टोपी। इतना ही नहीं उनके सीने पर नेम प्लेट भी लगाया गया। बाबा का साज-शृंगार करने के बाद उनके आगे टेबल लगाई गई और उस पर रजिस्टर व पेन रखी गई।

काशी के कोतवाल ने सजाया दरबार, दर्ज हुईं फरियादें

साज-शृंगार के बाद काशी के कोतवाल ने जनसुनवाई शुरू की। इसके तहत महंत पंडित शिवप्रसाद पांडेय ने सबसे पहले अपनी फरियाद रखी। उसके बाद काशी के सांसद व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से अर्जी लगाई गई। फिर काशी के नागरिकों की ओर से अर्जी लगी। तीनों ही अर्जियों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कुदृष्टि डालने वालों को सख्त से सख्त सजा देने की फरियाद की गई। बाबा से प्रधानमंत्री के मुकम्मल अदृश्य सुरक्षा का वरदान मांगा गया।