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Manipur Violence : NIT मणिपुर में फंसे हैं वाराणसी के तर्ष सिंह, माता-पिता हैं बेखबर, बहन कर रही भाई का इंतजार

Manipur Violence : मणिपुर का चुराचंदपुर जिले में हिंसा 27 अप्रैल की रात से शुरू हुई। भीड़ ने 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर जमकर आगजनी और तोड़फोड़ की। ये भीड़ बहुसंख्यक मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का विरोध कर रही थी। यह हिंसा अब पूरे मणिपुर में फैल चुकी है।

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NIT मणिपुर में फंसे हैं वाराणसी के तर्ष सिंह, माता-पिता हैं बेखबर, बहन कर रही भाई का इंतजार

Manipur Violence : देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में इस समय जातीय हिंसा का माहौल बना हुआ है। राजधानी इम्फाल से दक्षिण में 63 किलोमीटर पर स्थित चुराचंदपुर जिले की हिंसा अब इम्फाल तक पहुंच गई है। ऐसे में यहां के स्थानीय निवासी भी राज्य छोड़ के पलायन कर रहे हैं पर इसी बीच यहां के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में कई छात्र फंसे हुए हैं। उन्ही में से एक हैं वाराणसी के रहने वाले तर्ष सिंह जो यहां बीटेक फर्स्ट ईयर के छात्र हैं।

नवंबर 2022 में पहुंचे NIT मणिपुर

वाराणसी के चितईपुर के रहने वाले मनोज कुमार सिंह के तीन बच्चों में सबसे छोटे तर्ष सिंह का एडमिशन साल 2022 में मणिपुर एनआईटी में हुआ। मणिपुर की राजधानी इम्फाल में स्थित नेशनल इन्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक फर्स्ट ईयर के छात्र तर्ष सिंह ने patrika.com को फोन पर बताया कि 8 नवंबर 2022 को यहां आया था।

फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा के बाद हुई छुट्टी में नहीं गया घर
तर्ष सिंह ने पत्रिका को बताया कि फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा जनवरी में खत्म हुई तो हमें कुछ दिन की छुट्टी मिली पर मै घर नहीं गया और तब से यहीं हूं। सेकेण्ड सेमस्टर के पेपर हमारे चल रहे थे। उसी दौरान यह हिंसा शुरू हुई तो फिर हमारी दो सब्जेक्ट की परीक्षा भी रद्द कर दी गई। जून में घर जाना था पर लगता है अब फ्लाइट का टिकट कैंसिल करवाना पड़ेगा।

दिन भर आती है गोली और बम की आवाज

तर्ष ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से इम्फाल के हालात खराब हुए और हमारे कैम्पस के बाहर और दूर भी दिन भर गोली चलने और बम की आवाज सुनाई देती है। हमारे यहां कुछ दिन पानी नहीं आया दूषित पानी पिया पर अब पानी तो मिल रहा है पर बहुत डर का माहौल है।

बड़ी बहन काशी में परेशान

तर्ष सिंह के माता-पिता दोनों ही बीमार रहते हैं। ऐसे में तर्ष ने इस बात की सूचना अपनी सबसे बड़ी बहन वर्तिका को दी है। पत्रिका ने वर्तिका से बात की तो उन्होंने बताया की वो, कृतिका और तर्ष तीन भाई बहन हैं। तर्ष मेधावी रहा है हमेशा से और उसने NIT मणिपुर में एडमिशन लिया तो सब खुश थे, लेकिन पिछले एक हफ्ते से काफी दिक्कतों का सामना कर रहा है वो, वर्तिका ने बताया कि मां और पिता को इस बात की जानकारी नहीं दी है।

मां बीपी पेशेंट, पिता भी बीमार

वर्तिका ने बताया कि उनकी मां बीपी की पेशंट हैं और पिता भी बीमार रहते हैं। ऐसे में दोनों ही लोगों की ये नहीं बताया है कि मणिपुर में क्या हालात हैं। अखबार हटा दिया जा रहा है। टीवी पर न्यूज नहीं चलने दी जा रही है। ताकि उन्हें मणिपुर के हालात के बारे में न पता चल सके। वहीं भाई से रोजाना बात हो रही है और मै भी उसे वहां से निकालने के लिए लगी हुई हैं। जल्द ही उसे वहां से बनारस ले आऊंगी।

योगी सरकार से गुहार

वर्तिका ने सरकार से गुहार लगाईं कि वहां फंसे बच्चों को बाहर निकाला जाए क्योंकि उनके परिजन बहुत परेशान है। चुनाव में रैलियां करने का टाइम सबके पास है पर इन बच्चों का क्या जो अपनों से दूर वहां पढ़ने गए हैं।