30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मायावती के नये दांव से बढ़ गयी अखिलेश यादव की मुश्किल,बीजेपी को रोकना होगा कठिन

बसपा ने प्रत्याशियों के नाम घोषित करके बनायी बढ़त, जानिए क्या है कहानी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

वाराणसी

•

image

Devesh Singh

•

Updated: 1 Mar 2018, 8:03 PM IST

Mayawati

Mayawati

वाराणसी. बसपा सुप्रीमो मायावती के नये दांव से अखिलेश यादव की मुश्किल बढ़ गयी है। बीजेपी को हराने के लिए सपा व बसपा के गठबंधन की अटकलों के बीच बसपा सुप्रीमो ने नयी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके बाद भी सपा व बसपा में गठबंधन होता है तो सपा को समझौता करना पड़ सकता है।
यह भी पढ़े:-बनारस में होली पर बना मोदी, योगी, मायावती, सोनिया व मुलायम को लेकर गाना, विदेशी भी ले रहे मजा


यूपी में बीजेपी व कांग्रेस को छोड़ दिया जाये तो सपा व बसपा ही मुख्य क्षेत्रीय दल बचते हैं। दोनों दलों में कौन ताकतवर है यह गठबंधन के तहत मिली सीट बतायेगी। सपा व बसपा में अभी गठबंधन नहीं हुआ है इसी बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने आजमग के लालगंज से घूरा राम को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके अतिरिक्त बाहुबली मुख्तार अंासरी के बेटे अब्बास अंसारी, बाहुबली अतीक अहमद व अन्य लोगों को प्रत्याशी बनाये जाने की चर्चा चल रही है। बसपा के इस उद्देश्य से साफ हो जाता है कि पार्टी से जितने प्रत्याशी घोषित कर दिये होंगे। उतने सीट पर बसपा ही लड़ेगी। बची हुई सीट पर गठबंधन होता है तो ही सपा के साथ सीट बांटी जायेगी। मायावती के रणनीति से अखिलेश यादव की मुश्किल बढ़ जायेगी। अब अखिलेश यादव को अपनी पसंद की सीटे मिलना कठिन हो जायेगा। इसके चलते सपा में बगावत भी हो सकती है।
यह भी पढ़े:-होली पर घर जाने वालों को लग रहा झटका, ट्रेन व बस में नहीं मिल रही जगह

बसपा जल्द जारी करेगी और प्रत्याशियों की सूची
बसपा सुप्रीमो जल्द ही अन्य प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी। यह वह सीट होगी, जहां पर बसपा प्रत्याशी बहुत कम अंतर से चुनाव हारे हैं। बसपा सुप्रीमो प्रत्याशियों की सूची जारी करके एक तीर दो शिकार कर रही है। बीएसपी को सबसो बड़ा फायदा होगा कि गठबंधन होने की स्थिति में प्रत्याशी घोषित किये गये सीट पर सहयोगी दल से किसी प्रकार का विवाद नहीं होगा। दूसरे निशाने के रुप में मायावती ने सपा पर दबाव डालना शुरू कर दिया है कि यदि गठबंधन करना है तो बसपा के अनुसार होगा। अब देखना है कि पीएम नरेन्द्र मोदी व सीएम योगी को हारने के लिए सपा व बसपा को गठबंधन होता है या नहीं।
यह भी पढ़े:-बीजेपी में इसलिए बजता है पीएम नरेन्द्र मोदी का डंका, जहां नहीं गये वहां पर भगवा पार्टी को लगा झटका

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग