
Mulayam Singh Yadav and Mayawati
वाराणसी. यूपी में सपा व बसपा का गठबंधन हो चुका है। अखिलेश यादव व मायावती ने मिल कर चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है। इससे यूपी का सारा सियासी समीकरण बदल गया है। गठबंधन होने से पहले यूपी में सरकार बनाने को लेकर सपा व बसपा में जमकर टक्कर होती थी। एक बार बसपा सुप्रीमो मायावती सीएम बनती थी तो दूसरी बार मुलायम सिंह यादव को सत्ता संभालने का मौका मिलता था।
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यूपी में वर्ष 2002 से मुलायम सरकार का शासन था। बसपा हमेशा से ही सपा सरकार पर गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाती थी। वर्ष 2007 में यूपी विधानसभा का चुनाव हो रहा था उस समय बसपा सुप्रीमो ने एक नारा देकर सपा सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने जनता को चढ़ गुडों की छाती पर बटन दबाओ हाथी का नारा दिया था। बनारस में चुनावी रैली करने आयी मायावती ने अपने समर्थकों से कहा था कि उनके वोटरों किसी तरह बूथ तक पहुंचे और हाथी पर बटन दबा कर बसपा की सरकार बनाये। एक बार यूपी में बसपा की सरकार बन जाती है तो सपा के गुंडो को जेल भेजा जायेगा। बसपा सुप्रीमो मायावती का नारा बहुत काम आया था और मुलायम सिंह को चुनावी हार का सामना करना पड़ा था इसके बाद पूर्ण बहुमत में आयी बसपा ने पांच साल तक अपनी सरकार चलायी थी।
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मुलायम सिंह यादव व कांशीराम के नारे ने बिगाड़ दिया था बीजेपी का खेल
यूपी में पहली बार 1993 में सपा व बसपा का गठबंधन हुआ था उस समय बसपा के संस्थापक कांशीराम व मुलायम सिंह ने मिल कर चुनाव लड़ा था। चुनाव से एक साल पहले ही अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया था और बीजेपी को श्रीराम के नारे के सहारे यूपी चुनाव जीतने की उम्मीद थी उस समय बसपा व सपा गठबंधन ने मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गया जयश्री राम का नारा दिया था जिसके चलते बीजेपी का खेल बिगड़ गया था और बीजेपी की सत्ता में वापसी नहीं हो पायी।
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Published on:
12 Jan 2019 05:29 pm
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