
यूपी के प्रमुख रेलवे स्टेशन में गिने जाने वाला मुगलसराय स्टेशन आज से पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जायेगा। टिकट पर आज से मुगलसराय की जगह पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन लिखा होगा। केंद्र सरकार ने यूपी सरकार के उस प्रस्ताव को पास कर दिया है जिसमें मुगलसराय स्टेशन का नाम बदले जाने की सिफारिश की थी। नाम बदले जाने के साथ ही यूपी का यह स्टेशन इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगा ।

1555 में हुमायूं के शासनकाल के दौरान शेरशाह सूरी ने यहां पर दो सराय बनवाए थे जहां पर सेना का ठहराव होता था। इसी के नाम पर इस जगह का नाम मुगलसराय पड़ा। । लॉर्ड एल्गिन के समय में 1862 में मुगलसराय से दानापुर तक रेल लाइन बिछाया गया। जिसके बाद मुगलसराय से मिर्जापुर के बीच 1 जनवरी 1864 को रेलवे लाइन चालू किया गया। 1880 में भवन का निर्माण ब्रिटिश द्वारा कराया गया। 1976 में कमलापति त्रिपाठी ने एक करोड़ 11 लाख स्टेशन और बिल्डिंग को पास किया। 1982 में यह स्टेशन यात्रियों को समर्पित किया गया। इसके बाद यह मध्य रेलवे का मुख्यालय बना। आज ये एशिया के सर्वाधिक व्यस्त स्टेशनों में से एक है और सबसे बड़ा यार्ड भी यही है।

राज्य की योगी सरकार के गठन के बाद जून में मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम दीनदयाल उपाध्याय करने का प्रस्ताव रखा गया था। जुलाई में गृह मंत्रालय द्वारा एनओसी दे दी गई थी। अब केंद्र सरकार की फाइनल मुहर के बाद मुगलसराय रेलवे स्टेशन को दीन दयाल उपाध्याय के नाम से जाना जाएगा। स्टेशन के नाम बदलने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में विवाद भी हुआ था। कांग्रेस पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मस्थली का हवाला देकर रेलवे स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखने की बात कह रही थी, वहीं बीजेपी दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर सहमति बना चुकी थी।

योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद से यूपी में कई मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदले गए हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देने के लिये इस स्टेशन का नाम बदला गया है। बता दें कि साल 1968 में इसी स्टेशन पर दीनदयाल उपाध्याय की लाश लावारिस हालत में मिली थी। रेलवे स्टॉफ लावारिस लाश समझकर अंतिम संस्कार करने जा रहा था लेकिन तभी किसी ने पहचान लिया और फिर अटलजी और सर संघ संचालक गोवलकरजी आए और दिल्ली ले जाकर इनका अंतिम संस्कार किया गया ।

मुगलसराय स्टेशन दिल्ली-हावड़ा रेलवे मार्ग का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। रोजाना यहां से सैकड़ों गाड़ियां गुजरती है।