लखनऊ. Muharram 2021: मुहर्रम इस्लामिक साल का पहला महीना है। इसे इस्लामिक नया साल यानि हिजरी भी कहा जाता है, हालांकि मुहर्रम को कर्बला की जंग और इमाम हुसैन की शहादत की वजह से ज्यादा याद किया जाता है। इसी महीने में पैगंबर ए इस्लाम के नवासे (नाती) इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने कर्बला (अब ईराक का शहर) में यजीद की फौजों से लड़ते हुए इस्लाम और इंसानियत के लिये शहीद हो गए थे। ये वाकया आशूरा (10वीं मुहर्रम) को हआ था। आशूरा को उन्हीं की शहादत को याद किया जाता है। बहुत से मुसलमान इस दिन रोजा रखते हैं और गरीबों की मदद आदि सवाब (पुण्य) का काम करते हैं। शिया समुदाय इमाम हुसैन का गम मनाता है। मातम होता है, जिसमें छोटे से बच्चे से लेकर बूढ़े तक शामिल होते हैं। मातम के लिये धारदार हथियारों का भी प्रयोग करते हैं।