शिव की काशी में मौत पर भी जश्न मनाया जाता है, लेकिन मगंलवार की रात मणिकर्णिका महाशमशान पर नगरवधुओं (सेक्स वर्कर) ने 400 साल पुरानी परंपरा का निर्वाहन किया। इस दौरान शवलोक में शिवलोक का एहसास हुआ। मणिकर्णिका पर सजे भव्य मंच पर देर रात तक नगरवधुओं ने अगले जन्म में इस रूप में जन्म न लेने की कामना के साथ नृत्य किया।