
Navaratri 2023
Navaratri 2023: नवरात्र के चौथे दिन के चौथे दिन माता कूष्माण्डा के दर्शन का विधान है। धर्म की नगरी काशी में माता का अतिप्राचीन मंदिर दुर्गाकुंड में स्थित है। माता के मंदिर के नाम पर ही इस मोहल्ले का नाम रखा गया है। मंगला आरती के बाद से ही श्रद्धालु दर्शन कतारबद्ध हैं। सिर्फ बनारस ही नहीं आस-पास के शहरों सहित प्रदेश से भी श्रद्धालु नवरात्र भर यहां मां के दर्शन करने आते हैं।
प्रकृति और पर्यावरण की अधिष्टात्री हैं मां
मंदिर के महंत कौशल गुरु ने बताया कि माता कूष्माण्डा सभी दुःखों का निवारण करने वाली मां हैं। काशी के अति प्राचीन मंदिर दुर्गाकुंड में मां सौम्य रूप में विराजमान हैं और समस्त मनोकामना की पूर्ती करती हैं। पौराणिक मान्यता है की जब सृष्टि नहीं थी उस समय देवी भगवती के रूप माता कूष्मांडा ने सृष्टि का विस्तार किया था। उन्होंने बताया कि ये प्रकृति और पर्यावरण की अधिष्ठात्री हैं।
काशी खंड में है मां के मंदिर का उल्लेख
काशी के दुर्गाकुंड में स्थित कूष्मांडा देवी के मंदिर का उल्लेख 'काशी खंड' में भी है। इस भव्य दुर्गा मंदिर का जीर्णोद्वार 17वीं शताब्दी में रानी भवानी ने करवाया था। लाल पत्थरों से नागर शैली में बने इस मंदिर के एक तरफ कुंड है। मंदिर के समीप ही बाबा भैरोनाथ और लक्ष्मी, सरस्वती व मां काली की मूर्तियां स्थापित हैं। इस मंदिर के अंदर एक विशाल हवन कुंड है।
लाखों श्रद्धालु करेंगे आज दर्शन
महंत परिवार की आयुषी द्विवेदी ने बताया कि आज नवरात्रि का चौथा दिन है और आज के दिन मां देवी कूष्मांडा के स्वरुप में पूजी जाती हैं। भक्त यहां दूर-दूर से मां के दर्शन-पूजन को आते हैं। लाखों श्रद्धालु आज के दिन मां के दर्शन करेंगे। मां सभी को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
Published on:
18 Oct 2023 08:21 am
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