26 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Navaratri : छठे दिन कीजिये माता कात्यायनी के दर्शन, काशी में है मां का अतिप्राचीन मंदिर

Navaratri : काशी में चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा स्वरूपों के साथ ही साथ गौरी स्वरूपों के दर्शन का भी विधान है। छठे दिन भक्त मां ललिता गौरी का दर्शन-पूजन ललिता घाट पर कर रहे हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
Navaratri Sixth Day Varanasi

Navaratri : छठे दिन कीजिये माता कात्यायनी के दर्शन, काशी में है मां का अतिप्राचीन मंदिर

वाराणसी। महादेव की नगरी में चैत्र नवरात्रि के छठे दिन दुर्गा के कात्यायनी स्वरुप के दर्शन का विधान है। माता कात्यायनी का भव्य और अतिप्राचीन मंदिर सिंधिया घाट पर स्थित है। मान्यता है कि जो भक्त दुर्गा मां की छठी विभूति कात्यायनी की आराधना करते हैं मां की कृपा उन पर सैदव बनी रहती है। चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र की षष्ठी तिथि पर यहां भक्तों का रेला उमड़ता है।

कुंवारी कन्याओं को मिलता है विवाह का वरदान

माता कात्यायनी देवी मंदिर के पुजारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि नवरात्र की षष्ठी तिथि को माता कात्यायनी के दर्शन का विधान है। इनके दर्शन करने से कुंवारी कन्याओं को विवाह का वरदान मिलता है। इसके अलावा 7 मंगलवार को माता को दही-हल्दी लगाने की मान्यता भी है।

पापों का करती हैं नाश

माता कात्यायनी पापों का नाश करती हैं। मां के इस रूप के पूजन-अर्चन करने से माता आत्मज्ञान प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि काशी के अलावा वृन्दावन में भी माताअधिष्ठात्री देवी हैं। माना जाता है कि भगवान कृष्ण को पति के रूप में पाने के लिए गोपियों ने कात्यायनी व्रत रखा था।

मां कात्यायनी को पसंद है शहद

मां कात्यायनी ने देवताओं की प्रार्थना सुनकर महिषासुर से युद्ध किया। महिसासुर से युद्ध करते हुए मां जब थक गई तब उन्होंने शहद युक्त पान खाया। शहद युक्त पान खाने से मां कात्यायनी की थकान दूर हो गयी और महिषासुर का वध कर दिया। कात्यायनी की साधना एवं भक्ति करने वालों को मां की प्रसन्नता के लिए शहद युक्त पान अर्पित करते हैं।

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग