
Subhash chandra Bose Temple
वाराणसी. सुभाष चन्द्र बोस के प्रपौत्र सोमनाथ बोस गणतंत्र दिवस के दिन बनारस पहुंचे थे। उन्होंने लमही स्थिति देश के पहले सुभाष चन्द्र बोस के मंदिर गये और वहां पर दर्शन करने के बाद पुष्पांजलि अर्पित की। इसके नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आरती भी उतारी। कहा कि इस मंदिर में दर्शन करने के बाद मां भारती के प्रति जीवन समर्पित करने की प्रेरणा मिलती है।
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उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा, देशभक्ति का और स्वदेशी का प्रेरणा देने वाला यह मंदिर है। मंदिर में दर्शन करने से पहले विशाल भारत संस्थान एवं मुस्लिम महिला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में धूमधाम से गणतंत्र दिवस समारोह मनाया गया। समारोह में मुख्य अतिथि संघ विचारक विराग पाचपोर ने सबके हाथ में कानून का सम्मान करने के लिए कसम का धांगा बांधा। कहा कि नागरिकों को केवल अपने अधिकार की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्हें अपने कत्र्तव्य के प्रति भी सजग रहना चाहिए। आज देश को तोडऩे की साजिश रचने वाले और संविधान का सहारा लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। ऐसे लोगों को बेनकाब करने की जरूरत है। विशाल भारत संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डा.राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि देश के नागरिक एक ही कानून से प्रकाशित होते हैं। धर्म और जाति के आधार पर कानून नहीं चल सकता है। जो लोग ऐसे कानून की वकालत करते हैं उन्हें किसी और देश की नागरिकता ले लेनी चाहिए। उन्हें यहां पर रहने की जरूरत नहीं है। संगोष्ठी का संचालन अर्चना भारतवंशी व धन्यवाद ज्ञापन डा.मृदुला जायसवाल ने किया। इस अवसर पर डा.रीता जायसवाल, नाजनीन अंसारी, नजमा परवीन, जयलक्ष्मी रेड्डी आदि लोग उपस्थित रहे।
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Published on:
27 Jan 2020 03:23 pm
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