विश्व के जीवंत प्राचीनतम नगरों में एक वाराणसी का पौराणिक महत्व है। वैदिक काल से लेकर द्वापर, त्रेता और मौजूदा काल तक इस अनूठे तीर्थस्थल का त्रिशूलाकार अपने आप में निराला स्वरूप है। ओंकारेश्वर, विश्वेश्वर, केदारेश्वर तीन खंडों में विभक्त काशी का विश्वव्यापी महत्व है। उत्तर वाहिनी गंगा के किनारे बने घाटों से अवस्थित वाराणसी का नैसर्गिक सौंदर्य नयनाभिरामी है। ज्योतिर्लिंग पर निर्मित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा माता यहां की अस्मिता से जुड़ी हैं। बोधिसत्व महात्मा बुद्ध का प्रथम ज्ञान स्थल सारनाथ, जैन, सिख, सहित अनेक धर्मों के प्रादुर्भाव वाला यह शहर वर्तमाम में भी पौराणिक मान्यताओँ का पालन कर रहा है।