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विवेक तिवारी हत्याकांडः अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के कथित अध्यक्ष बृजेंद्र यादव पर रासुका

जिलाधिकारी ने संस्तुति की, हत्यारोपित पुलिसकर्मी के समर्थन में करने जा रहा था सभा

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dismissed policeman Brijendra Yadav and prashant chaudhry

dismissed policeman Brijendra Yadav and prashant chaudhry

वाराणसी. विवेक तिवारी हत्यारोपित सिपाही प्रशांत चौधरी व संदीप का समर्थन करना अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के कथित अध्यक्ष बृजेन्द्र यादव पर भारी पड़ा है। बर्खास्त सिपाही बृजेन्द्र यादव पर जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने रासुका लगाने की संस्तुति कर दी है। जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हत्यारोपित पुलिसकर्मियों के समर्थन में काली पट्टी बांध कर फोटो खीचाने वाले पुलिसकर्मियों की नीद उड़ गयी है उन्हें भी सख्त कार्रवाई का डर सताने लगा है।
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हत्यारोपित सिपाही प्रशांत चौधरी व संदीप के समर्थन में कुछ पुलिसकर्मियों ने पांच अक्टूबर को काला दिवस मनाया था। बनारस में बर्खास्त सिपाही बृजेन्द्र यादव ने पहले जिला मुख्यालय पर काली पट्टी बांध कर हत्यारोपित सिपाही का समर्थन किया था और पुलिस लाइन में बैठक करने के लिए जाते समय कैंट पुलिस ने बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि बर्खास्त सिपाही पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है और जिलाधिकारी ने रासुका लगा कर अनुशासन तोडऩे वाले पुलिसकर्मियों को सख्त संदेश दिया है। कैंट इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय से जिलाधिकारी के रासुका लगाने की संस्तुति की पुष्टि की है।
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पुलिस विभाग में बढ़ती अनुशासनहीनता से डीजीपी भी हो गये थे परेशान
पहले दो सिपाही एक आम आदमी की हत्या करते हैं और फिर हत्यारोपित सिपाही के समर्थन में कुछ पुलिसकर्मी विभाग का अनुशासन तोडऩे में जुट जाते हैं। पुलिस विभाग में बढ़ती अनुशासनहीनता से डीजीपी ओपी सिंह भी परेशान हो गये थे और काली पट्टी बांधने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गयी थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी पुलिसकर्मियों के विरोध को लेकर सख्त नाराजगी जतायी थी। इसके बाद से माना जा रहा था कि पुलिस विभाग ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करेगा। इसकी शुरूआत बर्खास्त सिपाही बृजेन्द्र यादव से हो गयी है। नालीखुर्द थाना भरथना जनपद इटावा निवासी बृजेन्द्र यादव इस समय बनारस की जेल में बंद है और कोर्ट से उसकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है।
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