
Om Prakash Rajbhar
वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ की सभाओं से अधिक ओमप्रकाश राजभर की रैली में भीड़ जुट रही है। बीजेपी के सहयोग से ही सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा में पहुंचे हैं और यूपी में सरकार आने के बाद कैबिनेट मंत्री बने हैं। इसके बाद भी भाजपा पर हमलावर रहते हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी इतनी बेबस हो गयी है कि सुभासपा पर कार्रवाई नहीं कर सकती है।
यह भी पढ़े:-गड्ढे में हिचकोले खाता रहा सीएम योगी का वाहन, फर्जी रिपोर्टिंग करने वालों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
ओमप्रकाश राजभर ने बीजेपी पर दबाव बनाने के लिए ही गठबंधन तोडऩ की धमकी दी थी। सुभासपा ने बीजेपी से लखनऊ में कार्यालय खोलने की जगह मांगी थी लेकिन जगह नहीं मिली। इसके बाद सुभासपा ने बीजेपी पर दबाव बनाने के लिए गठबंधन तोडऩे की धमकी दी थी लेकिन रैली में बीजेपी के साथ छोडऩे को तैयार नहीं हुए। बीजेपी को फौरी तौर पर राहत तो मिल गयी है क्योंकि बीजेपी जानती थी कि ओमप्रकाश राजभर राजभर का साथ छोड़ कर राहुल गांधी, अखिलेश यादव व मायावती के महागठबंधन में जा सकते थे यदि ऐसा होता तो बीजेपी की परेशानी बढ़ सकती थी।
यह भी पढ़े:-राजा भैया की पार्टी का झंडा जारी, इस रंग ने मचायी राजनीतिक दलों में खलबली
सीएम योगी की रैली से अधिक हो रही सुभासपा की सभा में भीड़
सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा से अधिक भीड़ सुभासपा की रैली में हो रही है। बिना अधिक संसाधन के इतनी अधिक भीड़ जुटाना आसान नहीं होता है इसके बाद भी सुभासपा की सभा में भीड़ उमड़ रही है। यूपी में राजभरों का सबसे बड़ा नेता ओमप्रकाश राजभर को माना जाता है। बीजेपी से ओमप्रकाश राजभर के इस चक्रव्यूह को तोडऩे की बहुत कोशिश की थी। बीेजेपी ने राज्यमंत्री का दर्जा पाये अनिल राजभर को बहुत प्रमोट किया था लेकिन वह भी ओमप्रकाश राजभर का विकल्प नहीं बन पाये।
यह भी पढ़े:-यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बीजेपी मंत्रियों को मिली नयी जिम्मेदारी, मचा हड़कंप
Published on:
29 Oct 2018 08:01 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
