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रेलवे के स्मार्ट प्लान से यात्री परेशान, रिजर्व बर्थ का पता लगाना मुश्किल

स्टेशन पर कहीं नहीं होता रिजर्वेशन चार्ट। ऐसे में अगर स्मार्ट फोन नहीं तो यात्रियों को कंफर्म सीट का पता ही नहीं चलता। बहुतेरे यात्रियों को टीटीई का करना होता है इंतजार।
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वाराणसी

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Ajay Chaturvedi

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Updated: 16 Nov 2018, 3:08 PM IST

passenger worried From railway smart plan

passenger worried From railway smart plan

वाराणसी. अत्याधुनिक हो रही भारतीय रेल ने यात्रियों के लिए भारी संकट पैदा कर दिया है। आलम यह है कि आम यात्रियों को उनके रिजर्वेशन की जानकारी ही नहीं हो पा रही है। प्लेटफार्म पर ऐसी कोई व्यवस्था है नहीं। ऐसे में यात्री प्लेटफार्म पर इधर से उधर भटकते नजर आ रहे हैं। ऐसे यात्रियों की संख्या कहीं ज्यादा है। अब इन यात्रियों के पास एक ही विकल्प है कि वे प्लेटफार्म पर ट्रेन आने के बाद टीटीई के आने का इंतजार करें।

बता दें कि रेलवे पूरी तरह से पेपरलेस हो चुका है। ऐसे में अब न तो प्लेटफार्म पर रिजर्वेशन चार्ट लगाया जा रहा है न ट्रेन के कोच पर। ऐसे में प्लेटफार्म पर पहुंचने वाले यात्री अपनी सीट का स्टेटस नहीं जान पा रहे हैं। रेलेवे ने प्लेटफार्म और कोच पर रिजर्वेशन चार्ट लगाना तो बंद कर ही दिया है, साथ ही रिजर्वेशन सेंटर का पूछताछ काउंटर भी बंद कर दिया गया है। ऐसे में यात्रियों के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है। इस सूरत में वाराणसी कैंट स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों से यात्रा शुरू करने वाले यात्री खासे परेशान हो रहे हैं। अब जब तक टीटी नहीं आएगा तब तक उन्हें सीट की स्टेटस का पता नहीं चल पाएगा।

रेलवे ने शुरू की थी ये व्यवस्था
बता दें कि आम यात्रियों की शिकायत हुआ करती रही कि प्लेटफार्म पर लगे रिजर्वेशन चार्ट अक्सर फट जाता है। ट्रेन की बोगियों पर लगे चार्ट भी फट जाते रहे। ऐसे में रेलवे ने यात्रियों से उनका मोबाइल नंबर लेना शुरू किया। कहा गया कि रिजर्वेशन के बाद डिटेल जानकारी मोबाइल पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी। लेकिन वह मैसेज भी नहीं आ रहा है। कम से कम बनारस में तो ऐसा ही है।

केवल स्मार्ट फोन ही है विकल्प
ऐसे में यात्रियों के पास एक ही विकल्प है स्मार्ट फोन। लेकिन अभी भी बहुतेरे ऐसे यात्री हैं जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है। ऐसे में अगर बनारस से चलने वाली ट्रेनों की बोगियों पर ही रिजर्वेशन चार्ट लगाया जाए तो भी यात्रियों की दिक्कत काफी हद तक दूर हो सकती है।

रेलवे की 139 सेवा से मिल रही सूचना
हालांकि अभी भी इंटरनेट यूजर्स के लिए काफी सहूलियत है। उन्हें 139 सेवा के मार्फत आरक्षित कोच में सीट की सूचना मिल रही है। लेकिन यह सेवा सशुल्क है। इस सेवा का इस्तेमाल करने वाले यात्री से रेलवे चार्ज वसूल करता है।

क्या कहते हैं अधिकारी
कैंट स्टेशन के निदेशक आनंद का कहना है कि कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म व यहां से चलने वाली ट्रेनों की बोगियों पर ई-चार्ट लगाने की तैयारी है। इसका प्रपोजल भेजा गया है, रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलते ही इस योजना को मूर्त रूप दे दिया जाएगा।

वाराणसी कैंट स्टेशन का स्टेटस
-वाराणसी से पीक सीजन में नियमित तौर पर एक लाख से अधिक लोग यात्रा करते हैं।
-कैट से मेट्रो शहरों के लिए ट्रेन उपलब्ध है
-आम तौर पर 70-80 हजार लोग रोजाना यहां से आते-जाते हैं
-250 मेल व एक्सप्रेस ट्रेन कैंट स्टेशन से हो कर गुजरती हैं
-40 ट्रेन कैंट स्टेशन से ही बन कर चलती हैं