नाविकों की मुस्कान लौटी, गंगा में 14 जून से नाविक चला सकेंगे नाव

People will be able to enjoy boating in Ganga from June 14- आंशिक लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान बंद पड़े नौकायन 14 जून से शुरू हो जाएगा। सप्ताह में पांच दिन लोग वाराणसी के मशहूर अस्सी घाट से राजघाट के बीच गंगा की सैर कर सकेंगे।

By: Karishma Lalwani

Updated: 11 Jun 2021, 05:12 PM IST

वाराणसी. People will be able to enjoy boating in Ganga from June 14- आंशिक लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान बंद पड़े नौकायन 14 जून से शुरू हो जाएगा। सप्ताह में पांच दिन लोग वाराणसी के मशहूर अस्सी घाट से राजघाट के बीच गंगा की सैर कर सकेंगे। वीकेंड लॉकडाउन को छोड़ रोजाना 12 घंटे नाव चलेगी। गुरुवार की दोपहर दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस चौकी में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और नाविक समाज के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में 14 जून से कोविड गाइडलाइन के पालन के साथ गंगा में नौकायन शुरू करने का निर्णय लिया गया।

गंगा में छोटी और बड़ी 1,500 नाव का संचालन किया जाता है। 20 अप्रैल से नावों का संचालन गंगा में बंद है। लॉकडाउन के चलते करीब डेढ़ माह से बंद पड़े नौकायन से नाविकों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा था। जिले में अब कोरोना को लेकर स्थिति पहले से बेहतर है। प्रदेश में आंशिक लॉकडाउन भी हटा दिया गया है। बाजार खुल गए हैं। ऐसे में नौकायन समिति ने दोबारा नाव संचालन शुरू करने पर सहमति जताई है। इस पर बैठक की गई। बैठक में शामिल नौकायन समिति के अध्यक्ष शंभूनाथ साहनी ने कहा कि 80 से राजघाट के बीच मल्लाह समाज की आबादी करीब एक लाख 20 हजार है। गंगा के उस पार रामनगर और डोमरी में भी मल्लाह समाज रहता है जो कि पूरी तरह नौकायन पर निर्भर है।

कोविड गाइडलाइन का होगा पालन

एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने कहा कि बैठक में तय हुआ है कि 14 जून से हफ्ते में सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना सुबह से लेकर शाम 7 बजे तक गंगा में नौकायन होगा। नाविकों को कोविड-19 की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। नौकायन के दौरान नाविकों को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा। नाव के बैठने वाले लोगों को मास्क के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कराना होगा। नाव में लाइफ जैकेट या हवा भरी ट्यूब जैसे जीवनरक्षक रखा जाएगा।

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