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वाराणसी में टैक्स सिस्टम होगा हाईटेक, व्हाट्सएप पर हाउस टैक्स बिल लाने की तैयारी

वाराणसी नगर निगम परिक्षेत्र में आने वाले लोगों के लिए निगम ने एक डिजिटल पहल शुरू करने की योजना बनाई है। निगम गृहकर, जलकर और सीवर कर से जुड़ी जानकारियां सीधे लोगों के मोबाइल पर चाटबॉट के जरिए व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने की तैयारी में जुटा हुआ है...
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Varanasi nagar nigam

फाइल फोटो, pc-patrika

वाराणसी: नगर निगम परिक्षेत्र में आने वाले लोगों के लिए निगम ने एक डिजिटल पहल शुरू करने की योजना बनाई है। निगम गृहकर, जलकर और सीवर कर से जुड़ी जानकारियां सीधे लोगों के मोबाइल पर चाटबॉट के जरिए व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने की तैयारी में जुटा हुआ है। बाताया जा रहा है कि इस चैट बॉट को वित्त वर्ष 2026-27 से लागू करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

लाखों लोगों को मिलेगा फायदा

जानकारी के मुताबिक, नगर निगम एक आई चैट बॉट तैयार कर रहा है, जिससे नगर निगम परिक्षेत्र में आने वाले लोगों के व्हाट्सएप पर कर से संबंधित जानकारी व्हाट्सएप्प के माध्यम से भेजी जाएगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद करीब 2.32 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। नगर निगम की तरफ से अब तक टैक्स के लिए बिल और नोटिस मैन्युअल भेजा जाता था, जिससे सूचना न मिलने की बात भवन स्वामी किया करते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की जा रही है। मैनुअल तरीके से नोटिस भेजा जाने के बाद विभाग और नागरिकों के बीच कई बार विवाद की भी स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। इस चैट बॉट के बाद पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बन जाएगी।

जल्द मिलेगी सौगात

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस एआई चैट बॉट का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। उम्मीद है कि एक महीने के भीतर नगर निगम को यह हैंडोवर कर दिया जाएगा। इसके बाद परिक्षेत्र में आने वाले सभी भवन स्वामियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए टैक्स से जुड़ी सूचनाओं को भेजने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे नोटिस वितरण में पारदर्शिता आएगी और शिकायतों की गुंजाइश भी ना के बराबर रहेगी।

24 घंटे उपलब्ध रहेगी सुविधा

नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस चैट बॉट की सबसे बड़ी खासियत है इसका टू-वे कम्युनिकेशन। इसका मतलब है कि यदि कर को लेकर किसी तरह का बदलाव होता है या बिल संशोधित किया जाता है, तो इसकी जानकारी सीधे भवन स्वामियों को मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी के माध्यम से लोग शिकायत कर सकेंगे और शिकायत को लेकर जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह डिजिटल अस्सिटेंट की तरह काम करेगा और 24 घंटा सातों दिन इसकी उपलब्धता रहेगी। भवन स्वामी अपने प्रॉपर्टी आईडी के माध्यम से बकाया टैक्स की जानकारी भी ले सकेंगे, रसीद भी डाउनलोड कर सकेंगे और भुगतान के लिए उन्हें लिंक भी आसानी से मिल जाएगा।

नगर निगम की इस पहल से राजस्व की वसूली में तेजी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही मैन्युअल नोटिस भेजने के बाद आ रही कई शिकायतों की गुंजाइश भी अब खत्म हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसके डेवलप होने से नगर निगम और लोगों के बीच संवाद भी तेजी से होगा और मजबूत भी बनेगा। नगर निगम के द्वारा किए गए दावे के अनुसार यदि यह काम करता है, तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा।