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PM मोदी के क्षेत्र में बिजली दर में प्रस्तावित वृद्धि का कड़ा विरोध, दिल्ली की तर्ज पर गरीबों का बिल माफ करने की मांग

-PM मोदी के क्षेत्र में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव से ग्रामीण नराज-बिजली दरो में प्रस्तावित बढ़ोतरी से हर वर्ग में आक्रोश -विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आराजी लाइन के विभिन्न गांवों में चलाया अभियान.-दिल्ली और पंजाब की तरह गरीबों के बिजली बिल माफ करने की मांग

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विद्युत दर में प्रस्तावित वृद्धि का विरोध

विद्युत दर में प्रस्तावित वृद्धि का विरोध

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बिजली दरों में प्रस्तावित बढोत्तरी के खिलाफ लोग लामबंद होने लगे हैं। सामाजिक संस्थाओं ने इसके खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। पावर कारपोरेशन के इस रुख से पीएम के गोद लिए गांव नागेपुर के लोगों में काफी आक्रोश है। जनता दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी गरीबों के बिजली बिल माफ करने की मांग करने लगी है।

लोगों का कहना है कि पहले लोगों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने की घोषणा की गई। फिर बिना कनेक्शन लोगों के घरों पर हजारों रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। अब लंबी लड़ाई लड़ने के बाद विभाग भी विभाग बिना कनेक्शन वाले बिल की माफी में हीलाहवाली कर रहा है। ऊपर से अब बिजली दर में वृद्धि का तड़का लगा कर गरीबों, मजलूमों की कमर तोड़ने का काम किया जा रहा है। एक तरफ दिल्ली सरकार गरीबों के बिजली बिल माफी की घोषणा कर रही है वहीं यूपी सरकार उनकी कमर तोड़ने पर जुट गई है।

ग्रामीण युवा, मजदूर, बुनकर, किसान, व्यापारी समेत अनेक समाजसेवी संगठनों ने प्रस्ताव का आराजी लाइन क्षेत्र के करनाडांडी, बीरभानपुर, कचहरिया, मेहंदीगंज, नागेपुर, बेनीपुर, मुबारकपुर, जंसा, महमदपुर, दिनदासपुर समेत दर्जनों गांवो का दौरा किया। गांवों में बैठक की जिसमें ग्रामीणों ने विरोध जताया। इन संगठनों के साथ ग्रामीणों ने एक स्वर से सरकार और बिजली कंपनियों के खिलाफ बड़ा जनांदोलन खड़ा करने पर सहमति जताई। ये सभी संगठन जल्द ही साझा मंच बनाकर सड़कों पर आंदोलन की रणनीति तय करने में जुट गए हैं।

गरीबों के साथ बड़ा मजाक
बैठक के नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने कहा कि पावर कारपोरेशन के प्रस्ताव से गरीबी रेखा के नीचे ग्रामीण और शहरी इलाकों में निवास करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली के बिल दो गुने से अधिक बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के इस वर्ग को मुफ्त में कनेक्शन बांट कर बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी बड़ा मजाक है, जिसका हर स्तर पर पुरजोर विरोध किया जाएगा। वास्तव में फ्री में कनेक्शन अब उसे लालटेन युग में ले जाने की बड़ी साजिश है।
बैठक में मौजूद आजाद भारत समिति के बाबू अली साबरी ने कहा कि कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने डीजल- पेट्रोल सहित विद्युत दरों के रेट बढ़ाकर गरीबों के साथ धोखा किया है।

कस्तूरबा सेवा समिति के विनोद कुमार ने कहा कि बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए, क्योंकि गरीब, बुनकर, किसान और मजदूर पहले ही महंगाई की मार झेल रहा है। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग की है कि 1 रुपये यूनिट यानी दिल्ली प्रदेश सरकार की तर्ज पर बिजली दी जाए और किसानों- मजदूरों बिजली बकाया सहित सारा कर्जा माफ किया जाए।

इस मौके पर अंसारी एकता मंच के फजलुर रहमान अंसारी, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के आबिद शेख, समाजसेवी डॉक्टर यार मोहम्मद, आशीष कुमार पटेल, संजय पटेल, गौरी शंकर पटेल, संजय विश्वकर्मा, पुष्पा मौर्या, भरत लाल, राहुल पटेल, पूर्व ग्राम प्रधान महमदपुर अनवर अली, ग्राम पंचायत सदस्य अब्दुल सलाम, अंसार अली, अब्दुल हसन, हमजाद हुसैन, अमीनुद्दीन, कमरूद्दीन, आदि साथी मौजूद थे।