वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी सफाई व्यवस्था में एक बार फिर पिछड़ गया है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत अस्सी घाट से की थी। पीएम के अभियान का देश भर में भले ही असर दिखने लगा है लेकिन खुद उनका संसदीय क्षेत्र इस अभियान में पिछड़ता जा रहा है।
केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आइआरसीटीसी और टीएनएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सर्वेक्षण कर नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें सूची में पीएम के संसदीय क्षेत्र के कैंट रेलवे स्टेशन को 65 वां स्थान मिला है। सूची में नम्बर 1 सूरत और राजकोट स्टेशन को दिया गया है। देश के 75 ए-1 श्रेणी के स्टेशनों पर सर्वे के बाद ही रिपोर्ट जारी की गयी है।
मुगलसराय सबसे गंदे रेलवे स्टेशनों में शुमार
कैंट रेलव स्टेशन की सफाई व्यवस्था बहुत खराब नहीं है, लेकिन मुगलसराय रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था सबसे गंदे रेलवे स्टेशनों में शुमार किया गया है। जबकि कोलकाता, बिहार को यूपी से जोडऩे वाले सबसे महत्वपूर्ण जक्शंन का यह हाल है।
टाप 20 में यूपी को कोई रेलवे स्टेशन शामिल नहीं है
सूची में टाप 20 में यूपी का कोई भी रेलवे स्टेशन अपना स्थान नहीं बना पाया है। प्रदेश में सबसे अच्छी स्थिति लखनऊ रेलवे स्टेशन की है, जिसे सूची में 21 वां स्थान मिला है। इसके बाद झांसी का नम्बर आता है और सूची में झांसी स्टेशन को 31 वां, इलाहाबाद को 35 वां, आगरा कैंट को 39 वां, मथुरा को 61 वां और कानपुर सेंट्रल को 70 वां स्थान मिला है।
ऐसे किया गया सर्वे
रेलवे स्टेशनों पर सफाई का आकलंन करने के लिए यात्रियों से कुछ प्रश्र पूछे गये और उनसे एक प्रश्नावली भी भरवायी गयी। इसके आधार पर रेलवे स्टेशनों को अंक दिये गये हैं।