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अखिलेश व मायावती के गठबंधन का असर, पहली बार इस सीट से भी चुनाव लड़ कर पीएम मोदी खेलेंगे बड़ा दांव

लोकसभा चुनाव में फिर से बहुमत पाने की योजना, पीएम मोदी का जादू ही तय करेगा बीजेपी का भाग्य

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PM Narendra Modi

PM Narendra Modi

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी पहली बार इस सीट से भी संसदीय चुनाव 2019 लड़ सकते हैं। अखिलेश यादव व मायावती के चुनावी गठबंधन को देखते हुए बीजेपी ने खास योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। बीजेपी का दांव सफल साबित होता है तो यूपी में कम हुई सीटों की भरपाई करना आसान हो जायेगा। बीजेपी जानती है कि पीएम मोदी का जब भी जादू चलता है तब भगवा दल की किस्मत खुल जाती है।
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संसदीय चुनाव 2014 में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी ने बनारस व वडोदरा संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था। आरएसएस की इस योजना का लाभ हुआ था कि यूपी की 80 में से 73 सीट पर बीजेपी को जीत मिली थी इसके बाद पीएम नरेन्द्र मोदी ने वड़ोदरा सीट छोड़ दी थी और पीएम के साथ बनारस के सांसद भी है। पीएम मोदी सरकार का चार साल बीत गया है और अब लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी शुरू हो गयी है। ऐसे में पीएम मोदी के चुनाव लडऩे वाली सीट को लेकर चर्चा तेज हो गयी है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव 2019 में फिर से पीएम मोदी बनारस से ही नामांकन करेंगे। बड़ा सवाल यह है कि क्या वह एक ही सीट से चुनाव लड़ेंगे या फिर दो सीट से भाग्य आजमा सकते हैं।
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महागठबंधन का इफेक्ट, बीजेपी ने बनाया बी प्लान
बीजेपी सूत्रों की माने तो महागठबंधन के इफेक्ट के चलते बीजेपी को बी प्लान भी बनाना पड़ा है। बनारस में पीएम मोदी को घेरने के लिए राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती के साथ अरविंद केजरीवाल भी एक होने का संकेत दे दिया है जिसके चलते बीजेपी को लग रहा है कि उसके वोटर कम संख्या में निकले तो मामला फंस सकता है इसलिए पहले सही प्लान बी तैयार किया गया है जिसके तहत बनारस में महागठबंधन के प्रत्याशी की घोषणा होने तक नजर रखी जायेगी। यदि प्रत्याशी दमदार नहीं होगा तो बीजेपी को प्लान बी का अधिक उपयोग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। महागठबंधन ने दमदार प्रत्याशी उतारा तो भगवा दल तुरंत प्लान बी पर अमल करना शुरू कर देगा।
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इस सीट से पहली बार चुनाव लड़ सकते हैं पीएम मोदी
पीएम नरेन्द्र मोदी की छवि कट्टर हिन्दू नेता के रुप में थी इसलिए बीजेपी ने पीएम मोदी को संसद में भेजने के लिए बनारस सीट चुनी थी जहां पर धर्म काड बहुत काम आता है। इसी तरह बीजेपी ने पीएम नरेन्द्र मोदी को उड़ीसा की पूरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाने की तैयारी की है। उड़ीसा में बीजेपी की स्थिति दिनोंदिन अच्छी हो रही है और वहां पर लोकसभा की 21 सीट है। यदि पीएम नरेन्द्र मोदी पूरी से भी चुनाव लड़ते हैं तो उनका प्रभाव वहां की 21 सीट पर पडऩा तय है और बीजेपी को विश्वास है कि उसे बंपर जीत मिल सकती है। यूपी में महागठबंधन के चलते बीजेपी को पूर्व की तरह 73 सीट मिलने की संभावना बहुत कम है। बीजेपी को लग रहा है कि यूपी में जितनी सीट कम होगी। उसकी भरपायी उड़ीसा की लोकसभा सीटों से की जायेगी। इसी बीच पीएम मोदी के फिर से वड़ोदरा सीट से भी चुनाव लडऩे की चर्चा थी लेकिन गुजरात में अब बीजेपी की वह हालत नहीं रह गयी है जो 2014 के पहले थी इसलिए बीजेपी हिन्दू के एक प्रमुख तीर्थस्थल पूरी पर अपना निशाना साध सकती है। इसके बाद बीजेपी को बहुमत मिल जाता है तो फिर पीएम मोदी ही तय करेंगे कि किस सीट से वह सांसद रहेंगे।

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