
नीलगिरि इंफ्रासिटी के एमडी व प्रबंधक की जमीन सील करती वाराणसी पुलिस
वाराणसी. जमीन के नाम पर निवेश व अन्य स्कीम के तहत पैसा दोगुना करने का लालच देकर लोगों के खून-पसीने की कमाई के कोरोड़ों रुपये हजम करने वाली नीलगिरि इंफ्रासिटी के खिलाफ वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इस क्रम में सप्ताह भर में ही दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कंपनी के MD और प्रबंधक की करीब 6 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।
सिसवा रामपुर की जमीन की हुई जब्ती
नीलगिरि इंफ्रासिटी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत सिगरा थाने की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ागांव थाना क्षेत्र के सिसवां रामपुर गांव में 5 करोड़ 95 लाख रुपये मूल्य की जमीन को कुर्क कर लिया। इस दौरान शनिवार को सिगरा पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने डुगडुगी बजवाकर जमीन पर नोटिस बोर्ड भी लगवा दिया। बता दें कि इससे पूर्व तीन दिन पहले ही रोहनिया के दरेखू में कंपनी की 2.21 करोड़ रुपये कीमत की जमीन जब्त की थी।
पुलिस ने दी चेतावनी
जमीन जब्ती की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चेताया कि जब्त जमीन पर किसी ने भी किसी तरह का निर्माण या अन्य कार्य किया तो संबंधित के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
9 महीने से जेल में बंद हैं कंपनी के पदाधिकारी
बता दें कि जमीन, गोल्ड और टूर पैकेज जैसे प्रलोभन दे कर लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाले नीलगिरि इंफ्रासिटी के सीएमडी विकास सिंह, एमडी ऋतु सिंह, प्रबंधक प्रदीप यादव 31 अगस्त 2021 से जिला कारागार में बंद है। इन सभी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उसी के तहत संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई चल रही है।
कई राज्यों में फैला था कारोबार
नीलगिरि इंफ्रासिटी के पदाधिकारियों के विरुद्ध न केवल वाराणसी बल्कि लखनऊ, गोरखपुर, बिहार, झारखंड, एमपी, छत्तीसगढ़, गुजरात, नई दिल्ली और मुंबई सहित अन्य राज्यों के लोगों ने नीलगिरी इंफ्रासिटी में निवेश किया था।
Published on:
29 May 2022 10:15 am
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