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बीएचयू में छात्राओं पर बरसी लाठी, दोनों ओर से पथराव, आगजनी

छेड़खानी की घटना के विरोध में चल रहा छात्राओं का धरना, वीसी आवास घेराव पर प्रशासन की कार्रवाई, अराजक तत्वों ने गाड़ी जलायी, पैरा मिलिट्री फोर्स बुलायी

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Police Lathi Charge in BHU

बीएचयू में धरना दे रही छात्राओं पर लाठी चार्ज

वाराणसी. छेड़खानी की घटना के विरोध में चल रहे आंदोलन ने शनिवार देर रात उग्र रूप धारण कर लिया। बीएचयू परिसर में वीसी आवास का घेराव कर रहे छात्र-छात्राओं पर सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे स्थिति विस्फोटक हो गई और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। इसी दौरान कुछ अराजकतत्वों ने आगजनी भी की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेट्रोल बम भी फेंके गए, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की। उधर, गेट पर छात्राएं लगातार दूसरे दिन भी धरने पर बैठी हुई हैं। घटनास्थल पर एसपी सिटी के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गई है। मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। लाठीचार्ज और पथराव में एक दर्जन लोगों के घायल होने की सूचना है, जिसमें कुछ छात्राएं और पुलिसकर्मी शामिल हैं। घायलों में छह छात्रों को अधिक चोट आई है, साथ ही एक एसओ को चोट लगी है। बताया गया है कि पुलिस ने 30 राउंड हवाई फायरिंग की। स्थिति बिगड़ने पर परिसर में पैरा मिलिट्री फोर्स बुला ली गयी है। खबर लिखे जाने तक मिली सूचना के मुताबिक पुलिस बिड़ला छात्रावास में घुस गयी हैै।

दरअसल बीएचयू में गुरुवार शाम एक छात्रा से छेड़छाड़ के विरोध छात्राएं आंदलन रत हैं। शनिवार को छात्राओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्राएं वीसी से मिलकर अपनी मांग रखना चाहती हैं, लेकिन विवि प्रशासन मामले में ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है। शनिवार रात नाराज छात्राओं और छात्रों ने वीसी आवास का घेराव करने की कोशिश की। इसी दौरान वहां सुरक्षाकर्मियों ने आंदोलनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद दोनों ओर से पथराव हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मौके पर भारी फोर्स तैनात है। कुछ अराजकतत्वों ने आगजनी भी की।

यह है मामला

छात्राओं का आरोप है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में उनके साथ लगातार छेड़खानी होती रही है। प्राक्टोरियल बोर्ड के सामने भी शोहदे छेड़खानी करते हैं। शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया, कि प्राक्टोरियल बोर्ड के लोग भी छेड़खानी में शामिल रहते हैं। इस वजह से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इसका नमूना गुरुवार की रात हुई वारदात है, जब वीसी आवास से कुछ दूरी पर छेड़खानी हुई और सुरक्षाकर्मी देखते रहे। इसके बाद शुक्रवार सुबह छात्राएं धरने पर बैठ गईं। शनिवार को प्रशासन के हठ को देखते हुए छात्राओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।

छह बजे का बाद बाहर निकली क्यों ?
छात्राओं का कहना है कि बीएचयू में अस्मत बचाना मुश्किल हो गया है। उनके साथ हॉस्टल के गेट, क्लास रूम समेत हर जगह आए दिन छेड़खानी होती है। गुरुवार की शाम भी त्रिवेणी हॉस्टल के बाहर कुछ छात्राओं के साथ छेड़खानी हुई। छात्राओं ने इसकी शिकायत चीफ प्रॉक्टर प्रो.ओएन सिंह को फोन पर दी। आरोप है, कि सिंह कार्रवाई के बजाय उल्टा छात्राओं को ही भला-बुरा कहने लगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, कि छह बजे के बाद हॉस्टल के बाहर क्यों घूम रही थी। घूमना है तो हॉकी स्टिक लेकर चलो।’ दूसरी तरफ बीएचयू के वीसी प्रो.जीसी त्रिपाठी ने कहा कि छात्राओं का यह हंगामा प्रायोजित है।

बीएचयू प्रशासन की लीपापोती

बीएचयू प्रशासन ने छेड़खानी के बाद भी कोई सुनवाई न होने पर बाल मुड़वाने वाली छात्रा के फेसबुक एकाउंट तक को खंगाला। फिर मीडिया को बताने की कोशिश की कि यह उसकी आदत है, वह मई 2016 में भी अपने बालों को मुंडवा चुकी है। मीडिया सेल की ओर से जारी विज्ञप्ति में छात्राओं के धरना प्रदर्शन को षड़यंत्र करार दिया गया है। कहा गया है कि कुछ सामाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ताओं का चोला पहने पेशेवर लोग छात्र छात्राओं और जनसामान्य को कैसे गुमराह करते हैं, यह उनके झूठ के पर्दाफाश से सिद्ध हो जाएगा। मीडिया सेल ने कहा है कि कुछ लोग काशी हिंदू विश्वविद्यालय को बदनाम करने के लिए साजिश रच रहे हैं। इसके लिए सीधे साधे छात्र छात्राओं को मोहरा बनया जा रहा है। ये लोग झूठे आरोपों के द्वारा एक संस्था की गरिमा को कैसे ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है यह उसकी एक बानगी है। कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर में रहने वाले एवं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं,अध्यापकों एवं कर्मचारियों को अपने संसाधनों के जरिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास करता है।

विश्वविद्यालय का सुरक्षा तंत्र 24 घंटे सुरक्षा के प्रति चौकस रहता है। सुरक्षाकर्मी अत्याधुनिक दूरभाष उपकरणों से सुसज्जित सुरक्षा तंत्र के वाहन लगातार परिसर में पेट्रोलिंग करते रहते हैं। किसी तरह की सूचना पर वे फौरन कार्रवाई करते हैं। मीडिया सेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर दिया जा रहा धरना पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने अंत में लिखा है कि प्राक्टोरियल बोर्ड के माध्यम से छात्राओं की शिकायत वीसी तक पहुंच गई है। इस पर जल्द ही समुचित कार्रवाई होगी।