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ये नवयुवती जो जगा रही शिक्षा की अलख, गरीब बच्चों को दे रही निःशुल्क शिक्षा

दो वर्ष से गांव के बच्चों को ये युवती दे रही नि:शुल्क शिक्षापति आरटीई से गरीब बच्चों का स्कूलों में करा रहे नि:शुल्क दाखिला

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Pooja Gupta

Pooja Gupta

वाराणसी. शिक्षा के व्यवसायीकरण के दौर में गरीब परिवार के बच्चों को सेवा भाव से शिक्षित बनाने का जुनून समाज के लिए प्रेरणादायक है। राजातालाब के कचनार में ऐसी ही एक नवयुवती है जो पिछले दो साल से गरीबों के बीच शिक्षा की अलख जगा रही हैं। वे एलकेजी से लेकर 8वीं कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त में पढ़ाने के साथ ही उन्हें मुफ्त पाठ्य सामाग्री भी उपलब्ध करा रही हैं। इसमें ऐसे परिवार के बच्चे शामिल हैं जिनके पास स्कूल भेजने से लेकर घर में जरूरत की सामग्री भी नहीं है। इतना सामर्थ्य ही नहीं कि वो कुछ खरीद सकें।

आराजीलाइन के राजातालाब क्षेत्र के कचनार गांव की यह नवयुवती पूजा गुप्ता हैं जिनका मिशऩ है गरीब से गरीब बच्चों को तालीम दिलाना। उऩ्हें समाज की मुख्य धारा में लाना। इसके लिए वह दिन रात एक किए हैं। इन बच्चो को शिक्षित कर उन्हें कुछ काबिल बनाना ही इनके जीवन का लक्ष्य है। फिलहाल इनकी कक्षा में 25 से ज्यादा बच्चे हैं। पूजा कहती है कि गरीब बच्चों को शिक्षित बनाना ही उनका उद्देश्य है। वे ऐसे बच्चों के लिए जीवन समर्पित करना चाहती है।

वहीं पूजा के पति सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता भी पत्नी के इस लक्ष्य की पूर्ति में सहायक बने हैं। उन्होंने बीड़ा उठाया है कि गांव गिरांव का कोई एक बच्चा भी ऐसा नहीं बचेगा जो शिक्षित न रहे। इसमें उनके काम आ रहा है आरटीई। इसेक माध्यम से वह हर साल गरीब बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराते हैं।

जो काम बेसिक शिक्षा विभाग नही कर पाता वह राजकुमार कर रहे हैं। ऐसे बच्चे जिन्होंने कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा, परिवार में इतनी क्षमता नहीं कि वो बच्चों को अच्छी तालीम दिला सकें। ऐसे परिवारों को प्रेरित कर बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराते हैं। साथ ही ऐसे बच्चे जो स्कूल गए तो जरूर पर आर्थिक तंगी की वजह से स्कूल जाना छूट गया। ऐसे बच्चो को खोज-खोज कर स्कूलों में दुबारा प्रवेश दिलाते हैं। इसके लिए वह पूरी लड़ाई लड़ते हैं।

गरीब और जरूरमतंद बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगाने के साथ साथ सामाजिक सरोकारों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी निभाते हैं राजकुमार। लोगों के बीच जाकर चंदा इकट्‌ठा कर समय-समय पर गरीब परिवार के महिलाओं को कम्बल साड़ी से लेकर खाद्य सामाग्री तक का वितरण करते हैं। गरीब परिवार के बच्चों को कई वर्षों से नि:शुल्क शिक्षा आरटीई के तहत दिलवा रहे हैं।

आरटीई के तहत दाखिला लिये गरीब परिवार के बच्चों को पढ़ने में कोई परेशानी न हो इसके की तैयारी करवाने के लिए पत्नी पूजा ने नि:शुल्क ट्यूशन शुरू किया। पढ़ाई के अलावा इन बच्चों को पठन-पाठन सामग्री भी मुफ्त में दिया जाता है, ताकि बच्चों को कोचिंग करने के बाद भी घर में पढने में कोई परेशानी ना हो।

अब तक 500 से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ चुके हैं

ये युवा दम्पत्ती बच्चों को सिर्फ पढ़ाने का ही काम नहीं करते हैं, बल्कि बच्चों को स्कूल से भी जोड़ने का काम कर रहे हैं। युवा समाजसेवी ने विभिन्न विकास खंड के 500 से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ने काम किया है। इसके अलावा आरटीई से प्राईवेट स्कूल द्वारा एडमिशन लेने में हीलाहवाली अभिभावकों को परेशान करने पर उनके हक़ की भी लड़ाई भी लड़ते हैं बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। एक संस्था की मदद से जल्द ही इन बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर गुजरात भी ले जाएंगे।

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