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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का काशी में हुआ पिंडदान, इस बेटे ने निभाई जिम्मेदारी

Varanasi News : काशी में मृत्यु मिलने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में जिनके पूर्वज का देहांत हो जाता है वो काशी में तरपान और पिंडदान कर उनकी आत्मा की मोक्ष की प्रार्थना करते हैं।

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PM MOTHER HIRA BEN

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का काशी में हुआ पिंडदान, इस बेटे ने निभाई जिम्मेदारी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी की मां का देहांत 30 दिसंबर 2022 को 99 साल की उम्र में हुआ था। शुक्रवार को धर्म की नगरी काशी में मां हीराबेन का पिंडदान किया गया। दशाश्वमेध घाट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रधानमंत्री के भाई पंकज मोदी ने विधि-विधान से मां का पिंडदान किया। उन्होंने मां की आत्मा के मोक्ष के लिए तर्पण किया और गंगा पूजन कर मां हीराबेन की आत्मीय शान्ति की प्रार्थना की।

दशाश्वमेध घाट पर हुआ पिण्डदान

काशी के पौराणिक और प्राचीन घाट दशाश्वमेध पर शाम 5 बजे के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच प्रधानमंत्री के भाई पंकज मोदी पहुंचे और सीधे घाट किनारे, घाट पुरोहित राजू झा की चौकी पर पहुंचे। यहां उन्होंने इस षोडशोपचार विधि से मोक्ष का पूजन किया गया। इसके पहले पिंडदान और तर्पण कराया गया। राजू झा ने बताया कि तर्पण के पश्चात पिंड दान पंकज मोदी के द्वारा किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी ने अपने सभी पूर्वजों का विधान से पूजन किया।

सभी घाटों में प्रधान घाट है दशाश्वमेध

वाराणसी के सभी घाटों में प्रधान घाट है दशाश्वमेध, ऐसे में यहां तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्त्व है। राजू झा ने बताया कि यहां माता हीराबेन का पिंडदान करने से पीएम मोदी के माता-पिता के साथ सभी पूर्वजों का परिपूर्ण रूप से मोक्ष की प्राप्ति होगी।

गंगा आरती में किया मां के नाम से गंगा पूजन

प्रधानमंत्री के भाई पंकज मोदी ने पिंडदान के बाद गंगा आरती भी देखी। गंगा आरती के पहले गंगा सेवा निधि के अर्चकों ने मां गंगा का पूजन कराया। यह गंगा पूजना मां हीराबेन को समर्पित रहा। गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों ने पंकज मोदी और अन्य को सम्मानित भी किया।