17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कठपुतली दिवस 2022 से बनारस में शुरू होगा पुतुल उत्सव

उत्सवों के शहर बनारस में अब कठपुतली दिवस के मौके से शुरू होगा पुतुल उत्सव। तीन दिवसीय इस उत्सव का आगाज अस्सी घाट स्थित सुबह-ए-बनारस मंच से होगा। उसके बाद दीनदयाल हस्तकला संकुल में इसका आयोजन किया जाएगा। इससे काशी की प्राचीन कला को अंतर्राष्ट्रीय मंच दिलाने की कोशिश की जाएगी।

less than 1 minute read
Google source verification
कठपुतली दिवस 2022 पर बनारस में पुतुल उत्सव

कठपुतली दिवस 2022 पर बनारस में पुतुल उत्सव

वाराणसी. उत्सवों के शहर बनारस में अब 21 मार्च सोमवार को कठपुतली दिवस के मौके मनाया जाएगा पुतुल उत्सव। इसकी आगाज अस्सी घाट पर होगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन पद्मश्री डॉ राजेश्वर आचार्य ने दी। उन्होने बताया कि अस्सी घाट के सुबह-ए-बनारस मंच पर इस उत्सव का उद्धाटन होगा। यह आयोजन संगीत नाटक अकादमी, दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर आयोजित होने जा रहे इस पुतुल उत्सव के अंतर्गत वाराणसी में बनने वाले लकड़ी के खिलौने के बारे में लोगों को जानने का मौका मिलेगा। ये उत्सव वाराणी के अलावा हैदराबाद (तेलंगाना), अंगुल (ओडिशा), अगरतला (त्रिपुरा) और नई दिल्ली में भी मनाया जाएगा। इसकी थीम, 'आजादी के रंग, पुतुल के संग' रखी गई है। इस उत्सव में बनारस की कठपुतली को विश्व स्तर पर अहमियत मिलेगी।

ये भी पढें- काशी विश्वनाथ धाम-अन्नपूर्णा मंदिर के बीच दीवार विवाद में अब प्रधानमंत्री मोदी से ही उम्मीद

ये भी पढें- World Sparrow Day 2022: वाराणसी के इस सिख परिवार ने गौरेया के संरक्षण को समर्पित कर दिया है जीवन, जानें विस्तार से...

पुतुल के माध्यम से आजादी के संघर्ष को दर्शाया जाएगा। इस उत्सव में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रकृति की महिमा, सत्याग्रह, रानी लक्ष्मी बाई और महालक्ष्मी कथा जैसे कई विषयों पर कठपुतली नृत्य दिखाया जाएगा। यह उत्सव भारत और विश्व के सांस्क़ृतिक और प्राचीन कला को संरक्षित करने का प्रयास है।

ये भी पढें- होली पर बिगड़ी काशी की आबो हवा, पीएम 2.5 खतरनाक स्तर पार, जानें क्या है वजह...