वाराणसी. सबेरे के पांच बजे हैं फजर की नमाज पढ़कर चाय की दुकान पर बैठे नमाजियों के बीच कुछ अलग से नजर आ रहे नवाब खान के हांथ में अखबार है मगर उनकी निगाहें सड़क पर रिक्शे वाले से किराए के नाम पर नोक झोंक कर रहे पहलवान टाइम आदमी पर गड़ी हुई है उधर रिक्शे वाले के गाल पर तमाचा पड़ता है इधर नवाब अपना चाय का प्याला फेंक पहलवान को गाली देते हुए सड़क पर आ जाते हैं।