
Raja Bhaiya
वाराणसी. कुंडा के क्षत्रिय बाहुबली राजा भैया ने लखनऊ में रैली करके राजनीति की नयी पारी का ऐलान कर दिया है। रैली में भीड़ जुटा कर राजा भैया ने अपनी सियासी ताकत दिखायी है। हजारों वाहनों के काफिले से साबित किया है कि वह किसी नेता से कम नहीं है। रैली में ही राजा भैया ने ब्राह्मण वोटरों को खुश करने के लिए खास तरह का शस्त्र उठा कर इस सियासत पर मुहर लगा दी है।
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राजा भैया को क्षत्रियों को बड़ा नेता माना जाता है। कुंडा की बात की जाये तो यहां की चार लाख की आबादी में क्षत्रियों की संख्या 12000 बतायी जाती है इसके बाद भी राजा भैया लगातार सात बार से विधयाक निर्वाचित होते आये हैं। इससे साफ हो जाता है कि राजा भैया को सभी जाति व धर्म के लोगों को वोट मिलता है। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजा भैया ने अपनी पार्टी जनसत्ता बनायी है। जनसत्ता पार्टी के प्रत्याशियों को चुनाव जीतना है तो सभी जाति के वोटरों में तगड़ी सेंधमारी करनी होगी। इसकी शुरूआत राजा भैया ने हाथ में खास अस्त्र लेकर कर दी है। भगवान परशुराम के अस्त्र को परशु (फरसा) कहा जाता है और रैली में राजा भैया भी अपने हाथ में परशु (फरसा) लिए था। राजा भैया ने खास अस्त्र हाथ में उठा कर एक साथ दो निशाना साधा है। क्षत्रियों के लिए शस्त्र पूजा का विशेष महत्व रहता है और ब्राह्मणों के लिए ही राजा भैया ने हाथ में परशु (फरसा) अस्त्र लिया था। ब्राह्मणों के लिए भगवान परशुराम अराध्य देवता माने जाते हैं और राजा भैया ने भगवान परशुराम का परशु हाथ में लेकर ब्राह्मणों को खुश करने का बड़ा दांव खेला है इसमे कितनी सफलता मिलती है यह तो समय ही बतायेगा।
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इस सियासत पर लगायी मुहर
राजा भैया ने नयी पार्टी बनाने के लिए सवर्ण कार्ड खेलने की सियासत पर मुहर लगा दी है। खुद क्षत्रियों के बड़े नेता है और ब्राह्मणों को जोडऩे के लिए भगवान परशुराम का अस्त्र परशु (फरसा) को उठा में उठा लिया है। राजा भैया ने अपनी चुनावी सभा में साफ कहा था कि जाति के नाम पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। राजनीति दलों ने अपने लाभ के लिए एससी/एसटी एक्ट का गलत उपयोग किया है। राजा भैया की बात से साफ हो जाता है कि वह किसी एक जाति की बात नहीं करेंगे। राजा भैया के अनुसार जिस कानून से लोगों के साथ अन्याय होता है उसका वह विरोध करेंगे। राजा भैया ने यह बात कह कर सवर्ण वोटरों को अपने साथ जोडऩे की कवायद की है।
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लोकसभा चुनाव में एक-एक वोटों के लिए होगी मारामारी
राज्यसभा चुनाव में एक-एक वोटों के लिए मारामारी होनी तय है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का चुनावी चक्रव्यूह भेदना किसी के लिए आसान नहीं है। पीएम नरेन्द्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ की चुनावी रैली भी बीजेपी के लिए विरोधियों के वोट में सेंधमारी करने के लिए होगी। अखिलेश यादव, राहुल गांधी व मायावती का संभावित महागठबंधन भी बड़े वोट बैंक पर कब्जा करने की लड़ाई लड़ेगा। शिवपाल यादव की नयी पार्टी भी अपना राजनीति रसूख दिखायेगी। ऐसे में राजा भैया को अपनी नयी राजनीतिक पहचान बनने के लिए कड़ी मशक्त करनी होगी। ऐसे में राजा भैया ने क्षत्रिय व ब्राह्मण के साथ सभी जातियों को एक करने का बड़ा कार्ड खेला है।
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Published on:
03 Dec 2018 12:56 pm
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