
कांग्रेस फ्लैग
डॉ अजय कृष्ण चतुर्वेदी
वाराणसी. महाधिवेशन से पहले कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भारी फेरबदल किया है। कई दिग्गज पुरनियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। यहां तक कि कभी इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के करीबी रहे पंडित कमलापति त्रिपाठी के पौत्र राजेशपति त्रिपाठी और उनके समर्थकों को प्रदेश के ओहदेदारोरं ने बड़ा झटका देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी से बाहर कर दिया है। हालांकि कुछ नए चेहरों को इस बार मौका मिला है जिसमें मेयर प्रत्याशी शालिनी यादव प्रमुख हैं। वैसे पीसीसी और एआईसीसी सदस्यों की सूची जारी होते ही बनारस कांग्रेस में जबरदस्त कोहराम मचा है। लोगों में सूबे के ओहदेदारों के प्रति खासी नाराजगी जताई जा रही है।
बता दें कि तमाम विरोधों के बावजूद चाहे इंदिरा गांधी रही हों या राजीव गांधी अथवा सोनिया गांधी तीनों के कार्यकाल में न कभी पंडित कमलापति को नकारा गया न लोकपति त्रिपाठी को न चंद्रा त्रिपाठी को न ही राजेश त्रिपाठी को। बता दें कि पंडित कमलापति त्रिपाठी को तो इंदिरा जी ने कार्यकारी अध्यक्ष तक बनाया। राजीव गांधी के खिलाफ पंडित जी ने कई खुले पत्र जारी किए। बावजूद इसके इस परिवार को किसी ने कभी नकारा नहीं। सास और पति के रिश्ते को सोनिया गांधी ने भी कायम रखा। लेकिन पार्टी में नेतृत्व परिवर्तने के साथ ही बनारस से औरंगाबाद हाउस को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्यता सूची से बाहर कर दिया गया है। हालांकि मिर्जापुर से ललितेशपति त्रिपाठी एआईसीसी के मेंबर हैं लेकिन बनारस से औरंगाबाद हाउस का पूरी तरह से सफाया हो गया है।
बता दें कि एआईसीसी और पीसीसी की गुरुवार देर रात जारी सूची में राजेशपति त्रिपाठी का नाम तो नहीं ही है वरिष्ठ नेता बैजनाथ सिंह, कई बार पीसीसी के महासचिव, सचिव और प्रवक्ता रहे प्रो सतीश राय, पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय शंकर मेहता, दुर्गा प्रसाद गुप्ता , दिग्विजय सिंह , गणेश शंकर पांडेय जैसे धुरंधर नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इसमें दुर्गा प्रसाद गुप्ता को निकाय चुनाव के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महानगर कांग्रेस कमेटी का प्रभारी नियुक्त किया था। इतना नहीं ही वरिष्ठ नेता डॉ रत्नाकर पांडेय, सेवादल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे मणीशंकर पांडेय तक को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। ये वो लोग हैं जिन्हें तमाम विरोधी दलों से कई बार बेहतरीन मौके दिए गए लेकिन इन्होंने पार्टी की निष्ठा से समझौता नहीं किया। यहां तक कि आजीवन कांग्रेस की बेहतरी के लिए संघर्ष करने वाले स्व. कैलाश टंडन के पुत्र अनुराग टंडन को भी तवज्जो नहीं मिला। बनारस में कभी युवक कांग्रेस की पहचान कायम करने वाले अनिल श्रीवास्तव अन्नू भी इस लिस्ट से गायब हैं। हालांकि अन्नू का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दावेदारी पेश ही नहीं की थी.
राजेशपति त्रिपाठी एंड कंपनी को बाहर बाहर किए जाने की बाबत लोगों का कहना है कि ये सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ निर्मल खत्री के करीबी रहे। राज बब्बर ने इन्हें कभी तवज्जो नहीं दी। वही हाल गुलाम नबी आजाद के साथ भी रहा। दूसरे सबसे बड़ा कारण निकाय चुनाव के दौरान रामनगर पालिका अध्यक्ष की उम्मीदवारी को लेकर जो बवाल खड़ा हुआ, जिस तरह से दो बार की विजेता रेखा शर्मा को टिकट नहीं दिया गया। उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। राजेशपति त्रिपाठी का उस पूरे प्रकरण में नाम जुड़ा, उन्होंने रेखा शर्मा के विरोध में मैदान में उतरे पार्टी प्रत्याशी का जिस तरह खुल कर समर्थन किया। इस पूरे मामले में गुलाम नबी आजाद को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी। ऐसे में लोग उस प्रकरण को भी राजेशपति त्रिपाठी को एआईसीसी और पीसीसी की सूची से बाहर करने का बड़ा कारण मान रहे हैं।
एआईसीसी और पीसीसी की सदस्यता सूची जारी होने के बाद बनारस कांग्रेस में जबरदस्त घमासान मचा है। कतिपय वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जिन लोगों का पीसीसी के लिए नामांकन तक नहीं हुआ था उन्हें भी पीसीसी में जगह मिल गई है। इनका इशारा कहीं न कहीं से मेयर प्रत्याशी शालिनी यादव की ओर है। लेकिन शालिनी का कद बढ़ेगा इसका संकेत तो प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद पहले ही दे चुके थे, जब उन्होंने दिल्ली में मीडिया के सामने तथा बनारस में आयोजित पूर्वांचल कार्यकर्ता सम्मेलन में शालिनी की जमकर तारीफ की और उन्हें भविष्य का नेता तक करार दिया था। लेकिन इस पीसीसी सूची से पार्षदों में सबसे ज्यादा असंतोष है। चाहे वो लगातार दूसरी बार जीत कर आए हों या विपरीत परिस्थितियों में पहली बार मोदी लहर में भी विजयी बने हों।
पीसीसी में शामिल बनारस के नेता
प्रजानाथ शर्मा (जिला अध्यक्ष)
सीता राम केशरी (शहर अध्यक्ष)
सतीश चौबे (चोलापुर ब्लाक)
दिवाकर मिश्रा (चिरईगांव ब्लाक)
राजीव राम (पिंडरा ब्लाक)
विजय शंकर पांडेय (हरहुआ ब्लाक)
त्रिभुवन नारायण पांडेय (बड़ागांव ब्लाक)
तेज बहादुर सिंह, (सेवापुरी ब्लाक)
दिलीप सेठ (आराजी लाइन ब्लाका, गंगापुर नगर पंचायत अध्यक्ष)
राजेश्वर पटेल (काशी विद्यापीठ ब्लाक)
रेखा शर्मा (रामनगर, रामनगर पालिका अध्यक्ष)
पूनम कुंडू (सारनाथ)
डॉ राजेश मिश्र (खजुरी)
अफरोज अहमद अंसारी (काजी सादुल्लापुरा)
वकार अंसारी (अलईपुरा, पार्षद)
वसीम अंसारी (कटेसर, पार्षद)
प्रमोद पांडेय (काल भैरव)
अजय राय (बेनिया)
अनिल श्रीवास्तव (सिगरा)
सैय्यद अब्बास मुर्तजा शम्सी (भदैनी)
शालिनी यादव (बंगाली टोला)
गोविंद शर्मा (सुंदरपुर)
एमएस सुल्तान (छित्तनपुरा)
Published on:
16 Mar 2018 02:33 pm
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