
रक्षाबंधन
वाराणसी. सावन महीने के पूर्णिमा को पड़ने वाला त्योहार Raksha Bandhan भाई- बहनों के प्यार और विश्वास का प्रतीक माना गया है। इस दिन बहन अपने भाई के हाथ में राखी बांधकर उसके सलामती के लिए प्रार्थना करती है। तो भाई बहन की रक्षा के लिए वादा करता है। इस बार यह प्यार का बंधन 26 अगस्त को पड़ रहा है।
रक्षा बंधन के दिन बहनें वैसे तो भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं लेकिन ज्योतिष में इस दिन मंत्रों से रक्षा सूत्र को बांधने की बात भी कही गई है। यानी राखी के साथ बहन यदि खास मंत्रों का उच्चारण करती है तो भाई पर कोई भी आपत्ति या विपदा नहीं आती और वह हर क्षेत्र में विजयी होता है।
ये है मंत्र
“येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल”
बता दें कि इस साल भद्रा नक्षत्र नहीं है। इसलिए बहन सूर्योदय के बाद किसी भी समय भाई को राखी बांध सकती हैं। लेकिन उसमें भी शुभ समय यह है। यदि इस समय राखी बांधी जाय तो यह और भी शुभ होगा।
शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन 2018 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त : सुबह 05:59 से शाम 17:25 तक.
मुहूर्त की अवधि : 11 घंटे 26 मिनट
रक्षाबंधन में अपराह्न मुहूर्त : 13:39 से 16:12 तक
मुहूर्त की अवधि : 02 घंटे 33 मिनट
इस विधि से बांधे राखी
1. सुबह-सुबह स्नान कर साफ और नया वस्त्र धारण करें।
2. चावल के आटे से चौक पूरें और फिर एक मिट्टी के घट या मटके की स्थापना करें। घट या मटका छोटा हो।
3. उसका पूजन करें। आरती करें, तिलक लगाएं, फूल चढ़ाएं और फिर रक्षा सूत्र बांधकर मिष्ठान चढ़ाएं।
4. इसके बाद अपने भाई को लकड़ी के बने पीढ़े पर बिठाएं। ध्यान रहे कि भाई का मुख पूर्व दिशा की ओर ही होना चाहिए और बहन का पश्चिम दिशा की ओर।
5. भाई की आरती उतारें और उसे रोली, दही और अक्षत का टीका लगाएं।
6. इसके बाद भाई को मिष्ठान खिलाएं।
Updated on:
20 Aug 2018 12:43 pm
Published on:
19 Aug 2018 04:41 pm
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