Raksha Bandhan 2023 : मोदी विरोधी लाख चिल्लाते रहें कि मुसलमान मोदी को पसन्द नहीं करते लेकिन उन्हीं के संसदीय क्षेत्र की मुस्लिम महिलाओं ने मोदी राखी बनाकर मोदी विरोधियों को कड़ा संदेश दे दिया है। मुस्लिम महिला फाउण्डेशन एवं विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में लमही के सुभाष भवन में जुटी मुस्लिम महिलाएं बड़े मनोयोग से मोदी के चित्र वाली रखी सितारा और टिक्की के साथ बना रही हैं।
Raksha Bandhan 2023 : तीन तलाक से मुक्ति के बाद काशी ही नहीं पूरे देश की मुस्लिम महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया था। इस कुप्रथा से उन्हें आजादी मिली थी। ऐसे में काशी की मुस्लिम महिलाएं तब से ही उन्हें आपा बड़ाभाई मानते हुए रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर राखी भेजती हैं। इसी क्रम में मुस्लिम महिला फाउंडेशन और विशाल भारत संस्थान से जुडी मुस्लिम महिलाएं प्रधानमंत्री के लिए ढोल की थाप पर गीत गाकर राखी तैयार कर रहीं हैं।
देशवा के खातिर रखिया हम बांधी ला
लमही स्थित सुभाष भवन में ढोल की थाप पर मुस्लिम महिलाएं राखी बनाने में व्यस्त हैं। यह राखी वो देश के प्रधानमंत्री और अपने बड़े भाई नरेंद्र मोदी के लिए बना रही हैं। इस दौरान गीत गाये जा रहे हैं कि देशवा के खातिर रखिया हम बांधी ला, उमरिया हमरो ले ला ये मोदी भइया। बहिनन के देहला तलकवा से आजादी, सूनी न छोड़ल जाइ तोहार कलइया, हे मोदी जी। मोदी के नाम पर बने गीत को गाकर राखी बनाने के हुनर से सबको आकर्षित करने वाली मुस्लिम महिलाएं खुश थीं। इस दौरान मुस्लिम महिलाओं ने समान नागरिक संहिता के नाम की राखी बनाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजकर एक देश, एक कानून की मांग की।
मोदी जी ने हमारा ध्यान पिता और भाई की तरह रखा
मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि मोदी जी ने मुस्लिम बेटियों का ध्यान एक भाई और पिता की तरह रखा। उन्होंने कभी भेद नहीं किया। वर्षों से तीन तलाक की पीड़ा झेल रही मुस्लिम बहनों को तलाक से मुक्ति दिलाकर सम्मान से जीने का अधिकार दिया। हिन्दू–मुसलमानों के साथ होने वाले संघर्षों को खत्म करके श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। चन्द्रयान को भेजकर जो सफलता पाई है उससे पूरी दुनियां ये मानने लगी है कि मोदी है तो मुमकिन है।