
राम रमापती बैंक
वाराणसी. आपने दुनियाभर में बहुत से बैंक देखे होंगे। लेन-देन भी किए होंगे। लेकिन क्या आपने ऐसा बैंक देखा है जहां पैसा नहीं बल्कि आस्था जमा होती है। तो आप जान ले कि ऐसा बैंक भी है वो भी यूपी में जहां लेन देन भी होता है और कर्मचारी भी हैं। हिसाब किताब भी रखा जाता है और लोन भी दिया जाता है। यह बैंक हैं आस्था की नगरी कहे जाने वाले वाराणसी में। इस बैंक कि खासियत यह है कि यहां लेन देन पैसों का नहीं बल्कि राम के नाम का किया जाता है। अपने तरह के इस अनोखे बैंक की सारी कार्य प्रणाली एक नेशनल बैंक की तरह है।
ये है बैंक
अपने तरह के इस अनोखे बैंक की सारी कार्य प्रणाली एक नेशनल बैंक की तरह है। बैंक की टाइमिंग 24 घंटे होती है ताकि भक्त कभी भी आकर राम नाम का डिपाजिट कर दें। श्री काशी विश्वनाथ गली स्थित राम रमापति बैंक में लगती है राम भक्तों की भीड़। मंदिर में जहां प्रभु राम के बाल्य रूप की प्रतिमा के दर्शन होते हैं वहीं रामनाम की पर्ची बैंक में जमा की जाती है। इस बैंक में राम भक्त अपनी आस्था का खजाना जमा करते हैं। आस्था के इस बैंक में जमा धन को चोर न तो चुरा सकता है और न ही डकैत लूट सकता है।
ये है प्रोसेस
ऐसा मानना है कि इस बैंक से कर्ज लेकर पूरा भरने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। भक्त यहां से सवा लाख राम नाम का कर्ज राम नवमी के अवसर पर लेता है और आठ महीने दस दिन यानी 250 दिन तक रोज 500 राम नाम लिख कर इसी बैंक में जमा करना पड़ता है। इस क्रिया को लखौरी कहते हैं। इस तरह सवा लाख बार राम का नाम लिखना पड़ता है, जिसके लिए राम बैंक का मोहर लगा कागज, लकड़ी की कलम और लाल स्याही बैंक की तरफ से मुफ्त में दिया जाता है।
इतनी पुरानी हैं बैंक
इस अनोखे बैंक के बारे में बैंक मैनेजर दास कृष्ण चन्द्र ने बताया कि बैंक की शुरुआत 1926 में की गयी थी। उस वक्त इस बैंक में केवल दो ही खातेदार थे लेकिन आज यहां पूरे देश में एक लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। लोगों का विश्वास है कि यहां से जुडऩे के बाद उनके साथ सब कुछ अच्छा ही होता है। अब तक यहां 19 अरब 18 करोड़ 87 लाख 75 हजार श्रीराम नाम का कर्ज बैंक में जमा हो चुका है।
Published on:
18 Jan 2018 10:56 am
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