
रिवर क्रूज सर्विस
वाराणसी. अभी तक आपने ट्रेन और प्लेन से वाराणसी से पटना तक के सफर का आनंद उठाया है, लेकिन अब गंगा नदी से लंबी दूरी भ्रमण का रोमांचक सफर का आनंद उठाने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। गंगा नदी के रास्ते वाराणसी से पटना के जा सकेंगे। जिसके लिए रिवर क्रूज सेवा की शुरूआत जल्द हो रही है। यह सेवा बिहार राज्य पर्यटन निगम एमवी गंगा बिहार के जरिए शुरू करेगा।
इन ऐतिहासिक स्थलों का कराएगा सैर
यह रिवर क्रूज पटना के गांधी घाट से चलकर वाराणसी के पर्यटन व ऐतिहासिक स्थलों की सैर कराएगा। साथ ही वाराणसी के मनमोहक घाटों और घाट किनारे बने मंदिरों के भी दर्शन कराएगा। गांधी घाट पर खड़े एमवी गंगा बिहार की मरम्मत कराई जा रही है। पटना से वाराणसी के बीच चलने वाला यह दूसरा रिवर क्रूज होगा। बिहार राज्य पर्यटन निगम की प्रबंध निदेशक इनायत खान ने बताया कि सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। रिवर क्रूज के इंजन की मरम्मत कराने के बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। इस रिवर क्रूज पर एक बार में 85 से 100 लोग सफर कर सकेंगे। एमवी गंगा विहार अभी तक पटना में ही पांच किलोमीटर तक की सैर कराता था।
इन स्थानों का भी कराएगा सैर
गांधी घाट से खुलकर दानापुर, मनेर, डोरीगंज, रिविलगंज, सुंदरपुर बराज, रूद्रपुर, बलिया, बक्सर, चौसा, जमनिया, गहमर, गाजीपुर, रजवारी होते हुए वाराणसी तक जाएगा। इनमें से ऐतिहासिक स्थलों की सैर कराते हुए चार दिनों में एमवी गंगा विहार बनारस पहुंचेगा। किराया अभी तय नहीं हुआ है। एमवी गंगा विहार पर फ्लोटिंग रेंस्टोरेंट के साथ ओपेन डेक, बार, रेस्टोरेंट, डाइनिंग रूम, स्पा, पेंट्री की सुविधा है।
इस कारण बंद था एमवी बिहार
इंजन में खराबी आने के कारण जनवरी 2017 से एमवी गंगा बिहार बंद है। मरम्मत के लिए टेंडर हो चुका है। पांच से छह साल तक चलने के बाद इंजन की जांच की जाती है।
पहले चलता था पटना से वाराणसी तक एमवी राजमहल
कभी पटना से वाराणसी के बीच एमवी राजमहल चलाया जाता था जो अब पटना से कोलकाता के बीच चलाया जा रहा है। जुलाई से जलस्तर बढ़ते ही यह सेवा शुरू कर दी जाएगी। आकार में बड़ा होने के कारण इसे चलाने के लिए ज्यादा जलस्तर की जरूरत पड़ती है।
Published on:
18 Feb 2018 08:21 am
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